UP: शाइन सिटी घोटाले का मुख्य आरोपी राशिद नसीम दुबई में गिरफ्तार, ईडी-ईओडब्ल्यू के अनुरोध पर पकड़ा गया

शाइन सिटी घोटाले का मुख्य आरोपी राशिद नसीम दुबई में गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े निवेश घोटालों में से एक शाइन सिटी घोटाले का मुख्य आरोपी राशिद नसीम आखिरकार दुबई पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और उत्तर प्रदेश आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) के प्रत्यर्पण अनुरोध पर दुबई पुलिस ने राशिद नसीम को गिरफ्तार कर लिया। इस गिरफ्तारी से हजारों ठगी पीड़ित निवेशकों में उम्मीद की किरण जगी है, जो 2019 से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे थे।

घोटाले का पूरा मामला और आरोप

शाइन सिटी ग्रुप ने निवेश के नाम पर लोगों से भारी भरकम रकम जुटाई थी। कंपनी ने रियल एस्टेट, प्लॉटिंग, फार्महाउस और अन्य प्रोजेक्ट्स में निवेश का लालच देकर 12-18% तक मासिक रिटर्न का वादा किया था। लुभावने विज्ञापनों, सेमिनारों और एजेंटों के जरिए उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों से हजारों लोग फंसाए गए। आरोप है कि कंपनी ने कुल 800 से 1000 करोड़ रुपये की ठगी की।

राशिद नसीम और उनकी कंपनियों के खिलाफ अब तक 554 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य धाराओं में केस चल रहे हैं। ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया था, जबकि ईओडब्ल्यू ने राज्य स्तर पर जांच की थी।

2019 से फरार, दुबई में छिपा था

2019 में जब जांच तेज हुई और गिरफ्तारी की आशंका बढ़ी, तो राशिद नसीम देश छोड़कर दुबई भाग गया था। वहां से वह अपना नेटवर्क चला रहा था और ठगी की रकम को विभिन्न चैनलों से ट्रांसफर कर रहा था। ईडी और ईओडब्ल्यू ने इंटरपोल के जरिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। दोनों एजेंसियों ने दुबई पुलिस के साथ समन्वय बनाकर राशिद नसीम की लोकेशन ट्रेस की और प्रत्यर्पण के लिए मजबूत सबूत पेश किए।

दुबई पुलिस ने ईडी-ईओडब्ल्यू के अनुरोध पर राशिद नसीम को गिरफ्तार किया। फिलहाल उसे दुबई में हिरासत में रखा गया है और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रत्यर्पण पूरा होने पर उसे भारत लाकर पूछताछ की जाएगी।

निवेशकों में राहत, लेकिन सवाल बाकी

हजारों निवेशकों ने शाइन सिटी घोटाले में अपनी जमा-पूंजी गंवाई थी। कई परिवार बर्बाद हो गए, रिटायरमेंट फंड,

बच्चों की पढ़ाई और शादी के पैसे डूब गए। गिरफ्तारी की खबर से पीड़ितों में न्याय की उम्मीद जगी है।

हालांकि अभी भी कई सवाल हैं—ठगी की पूरी रकम कहां गई? अन्य सहयोगी आरोपी कहां हैं? और बाकी फरार आरोपियों की क्या स्थिति है?

ईडी और ईओडब्ल्यू की संयुक्त जांच से अब तक कई संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं

, लेकिन निवेशकों को पैसा वापसी की उम्मीद कम है। विशेषज्ञों का कहना है कि राशिद नसीम की

गिरफ्तारी से अन्य फरार आरोपियों पर दबाव बढ़ेगा और जांच को नई दिशा मिलेगी।

क्या होगा आगे?

प्रत्यर्पण प्रक्रिया में कुछ महीने लग सकते हैं। दुबई और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि है, इसलिए राशिद नसीम को

भारत लाने में ज्यादा देरी नहीं होनी चाहिए।

गिरफ्तारी के बाद ईडी और ईओडब्ल्यू ने बयान जारी कर कहा है कि

जांच तेज की जाएगी और सभी दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

यह घटना एक बार फिर निवेश के नाम पर होने वाली

ठगी के खतरों को उजागर करती है। लोग सतर्क रहें,

केवल रजिस्टर्ड और वैरिफाइड स्कीम्स में निवेश करें। शाइन सिटी घोटाले के पीड़ितों को अब न्याय की प्रतीक्षा है।

Read this post :लखनऊ हत्याकांड: वेब सीरीज ‘वध’ देखकर सीखा शव काटने का तरीका, बाप के टुकड़े-टुकड़े करने में नहीं कांपे हाथ