रामपुर जिले में दो बड़े कारोबारियों की तीन प्लाईवुड फैक्टरियों पर आयकर विभाग ने बृहस्पतिवार सुबह 8 बजे से छापेमारी शुरू की है। यह सर्वे शुक्रवार को भी दूसरे दिन लगातार जारी रहा। फैक्टरियों में 24 घंटे से अधिक समय से आयकर टीमों का डेरा पड़ा हुआ है और किसी को भी अंदर-बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही। कारोबारी नईम खां उर्फ बबलू और मुन्नन खां मुरादाबाद के पूर्व सांसद एवं समाजवादी पार्टी नेता डॉ. एसटी हसन के समधी हैं। इस छापेमारी से राजनीतिक और व्यापारिक हलकों में हलचल मची हुई है।
छापेमारी का पूरा विवरण
बृहस्पतिवार सुबह आयकर विभाग की कई टीमें रामपुर पहुंचीं और नईम खां उर्फ बबलू तथा मुन्नन खां की तीनों प्लाईवुड फैक्टरियों पर एक साथ सर्वे शुरू कर दिया। फैक्टरियों में दस्तावेजों, रजिस्टरों, अकाउंट बुक, बैंक स्टेटमेंट और डिजिटल रिकॉर्ड की गहन जांच की जा रही है। टीमों ने फैक्टरियों के मुख्य द्वार सील कर दिए हैं और कर्मचारियों, मैनेजरों व अन्य स्टाफ को बाहर नहीं जाने दिया जा रहा। मालिक नईम खां और मुन्नन खां समेत फर्मों से जुड़े प्रमुख लोगों से लंबी पूछताछ की गई है।
आयकर टीमों ने फैक्टरियों के अंदर विभिन्न विभागों—अकाउंट्स, प्रोडक्शन, स्टॉक रजिस्टर और सेल्स रिकॉर्ड—को खंगाला है। सूत्रों के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस आय-व्यय के बेमेल, कैश ट्रांजेक्शन, अनडिक्लेयर्ड इनकम और संभावित टैक्स चोरी पर है। सर्वे में डिजिटल डेटा और कंप्यूटर रिकॉर्ड भी जब्त किए जा रहे हैं।
एसटी हसन से रिश्तेदारी और राजनीतिक कनेक्शन
नईम खां उर्फ बबलू मुरादाबाद के पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन के समधी हैं। एसटी हसन समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता रहे हैं और कई बार विधायक व सांसद चुने गए। इस रिश्तेदारी के कारण छापेमारी को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। हालांकि आयकर विभाग ने इसे पूरी तरह टैक्स संबंधी जांच बताया है और किसी राजनीतिक मंशा से इनकार किया है।
कारोबारियों की प्रतिक्रिया और स्थिति
फैक्टरियों के मालिकों और स्टाफ ने अभी तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, जांच में सहयोग किया जा रहा है। फैक्टरियां प्लाईवुड और संबंधित उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन करती हैं और
उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्यों में सप्लाई करती हैं।
इस छापेमारी से उत्पादन कार्य प्रभावित हुआ है और कर्मचारियों में भी चिंता है।
आयकर विभाग की कार्रवाई का महत्व
यह छापेमारी उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग की हालिया सक्रियता का हिस्सा है।
पिछले कुछ महीनों में कई बड़े कारोबारियों और फैक्टरियों पर इसी तरह के सर्वे हुए हैं।
विभाग का उद्देश्य टैक्स चोरी रोकना, अनडिक्लेयर्ड इनकम का पता लगाना और
ब्लैक मनी पर लगाम लगाना है। रामपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्र में यह कार्रवाई बड़े पैमाने पर हो सकती है।
सर्वे अभी भी जारी है और इसमें कई दिन लग सकते हैं।
आयकर टीमों ने फैक्टरियों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है
ताकि कोई दस्तावेज या सबूत बाहर न जा सके।
जांच के नतीजे आने के बाद ही टैक्स डिमांड या अन्य कार्रवाई का पता चलेगा।
यह घटना रामपुर के व्यापारिक जगत में चर्चा का विषय बनी हुई है। अधिक अपडेट्स के लिए बने रहें।