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यह एक गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी है जो लाखों उपभोक्ताओं को प्रभावित कर रही है। बाजारों में घूम रहे व्यापारियों द्वारा नेपाल से मात्र ₹80 प्रति किलोग्राम की कीमत पर आयात किया गया पामोल आयल को सरसों के तेल के साथ मिलाकर ₹160 प्रति लीटर के दोगुने दाम पर बेचा जा रहा है। यह मिलावटी तेल न केवल आपकी जेब खाली कर रहा है, बल्कि आपकी सेहत के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। पामोल आयल, जो मूल रूप से खाद्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं होता, सरसों के तेल में घुलमिलाकर बेचा जा रहा है, जिससे हृदय रोग, कैंसर और पाचन संबंधी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी मिलावट से ट्रांस फैट बढ़ता है जो धमनियों को ब्लॉक कर सकता है। इसलिए, जागरूक उपभोक्ता बनें और तेल खरीदते समय आंखों के सामने तेल मशीन से निकाला हुआ तेल ही लें।
इस खबर को शेयर करें ताकि हर परिवार सुरक्षित रहे। जागरूकता फैलाएं: शेयर करें और कार्रवाई करें।
मिलावटी सरसों का तेल: कैसे पहचानें और क्यों है खतरनाक?
सरसों का तेल हमारी भारतीय रसोई का अभिन्न हिस्सा है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होता है और हड्डियों,
त्वचा व हृदय के लिए फायदेमंद माना जाता है। लेकिन अब बाजार में नेपाल से सस्ते दाम पर मंगवाया गया
पामोल आयल (पाम ऑयल का मिलावटी रूप) सरसों के तेल में मिलाया जा रहा है।
यह मिलावट इतनी सफाई से की जाती है कि नंगी
आंखों से पता नहीं चलता। लेबल पर ‘शुद्ध सरसों का तेल’ लिखा होता है,
लेकिन अंदर पामोल आयल का जहर भरा होता है। स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देशों के मुताबिक,
पामोल आयल में उच्च मात्रा में सैचुरेटेड फैट्स होते हैं जो कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं।
एक अध्ययन के अनुसार, नियमित सेवन से हार्ट अटैक का खतरा 30% तक बढ़ जाता है।
इसके अलावा, यह लीवर को नुकसान पहुंचाता है और बच्चों में विकास संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।
नेपाल बॉर्डर से ट्रकों में सस्ता तेल लाकर उत्तर भारत के बाजारों में बांटा जा रहा है, खासकर लखनऊ, दिल्ली
जैसे शहरों में। उपभोक्ता संगठनों ने शिकायत दर्ज की है, लेकिन कार्रवाई धीमी है। इसलिए, स्वयं सतर्क रहें।
नेपाल तेल घोटाले का पूरा खुलासा: आंकड़े और तथ्य
हाल के FSSAI रिपोर्ट्स बताते हैं कि भारत में 40% सरसों का तेल मिलावटी पाया गया है।
नेपाल से आयात ₹80/kg पर होता है क्योंकि वहां पामोल आयल सस्ता मिलता है,
लेकिन भारत में ₹160/li बेचकर 100% मुनाफा कमाया जा रहा।
एक लीटर तेल बनाने में 0.8 किलो पामोल + थोड़ा सरसों का
तेल मिलाया जाता है, जो स्वाद व रंग बनाए रखता है।
लेकिन गर्म करने पर यह काला हो जाता है और विषैले धुएं छोड़ता है। ICMR के शोध में पाया गया कि
मिलावटी तेल से कैंसर केस 25% बढ़े हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह ज्यादा प्रचलित है
जहां लोग ब्रांडेड तेल कम खरीदते हैं। सरकार ने सख्ती की है, लेकिन छोटे दुकानदारों तक निगरानी कम है।
एक उदाहरण लें: लखनऊ के एक बाजार में छापेमारी में 200 लीटर मिलावटी तेल जब्त हुआ, जो नेपाल से आया था।
ऐसे में, FSSAI लाइसेंस चेक करें और पैकेजिंग पर ISI, FSSAI मार्क, बैच नंबर और निर्माण तिथि जरूर देखें।
जागरूकता और कार्रवाई: क्या करें उपभोक्ता?
- तेल मशीन से निकाला हुआ तेल ही खरीदें, जहां आप खुद देख सकें।
- ब्रांडेड पैकेज्ड तेल चुनें, जिसमें FSSAI लाइसेंस नंबर स्पष्ट हो।
- तेल गर्म करने पर अगर काला पड़ जाए या तेज बदबू आए तो तुरंत फेंक दें।
- स्थानीय FSSAI ऑफिस में शिकायत दर्ज कराएं (टोल फ्री: 1800112100)।
- पड़ोसियों को बताएं, व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर शेयर करें।
- सामूहिक प्रयास से मिलावट रुकेगी। स्वस्थ भारत बनाएं – जागें, जागरूक करें!
यह खबर हर घर तक पहुंचनी चाहिए। मिलावट रोकने के लिए
आपकी एक छोटी सी जागरूकता बड़ा बदलाव ला सकती है।