उत्तर प्रदेश राजनीति
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: 2027 विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां अभी से शुरू हो गई हैं। पार्टियां एक-दूसरे पर सियासी तीर चलाने लगी हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी (सपा) ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा तंज कसा है। सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हुए तीन विधायकों को मंत्री बनाए जाने की अफवाहों के बीच सपा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें लिखा- “सीएम ने जापान से किया है टेलीफून, लाडलों को बनाओ मंत्री।” यह पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
पृष्ठभूमि और अफवाहें
बात 2022 विधानसभा चुनाव के बाद की है, जब सपा के तीन विधायक- मनोज पांडेय (उन्नाव), अभय सिंह (गोसाiganj) और राकेश प्रताप सिंह (गौरी बाजार) ने सपा छोड़कर भाजपा का दामन थामा था। इन विधायकों ने भाजपा में शामिल होकर योगी सरकार का समर्थन किया था। अब खबरें आ रही हैं कि ये तीनों विधायक भाजपा से नाराज हैं और सपा में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि भाजपा उन्हें मंत्री बनाकर रोकने की कोशिश कर रही है। इसी अंदेशे को लेकर सपा ने तंज कसा है।
सपा के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट की गई इस टिप्पणी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जापान यात्रा का जिक्र है। योगी हाल ही में जापान दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने निवेश और विकास परियोजनाओं पर चर्चा की। सपा का इशारा है कि सीएम ने जापान से ही फोन कर इन ‘लाडलों’ को मंत्री बनाने का निर्देश दिया। पोस्ट में व्यंग्यात्मक लहजे में कहा गया कि भाजपा इन विधायकों को खुश रखने के लिए मंत्री पद की सौगात दे रही है, जबकि जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं है।
सपा का हमला और भाजपा की प्रतिक्रिया
*सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा, “भाजपा सत्ता के लिए कुछ भी कर सकती है। सपा से आए विधायकों को मंत्री बनाकर उन्हें रोकना चाहती है, लेकिन जनता सब समझ रही है। 2027 में सपा की वापसी तय है।” उन्होंने योगी सरकार पर आरोप लगाया कि विकास के नाम पर विदेशी दौरों पर खर्च हो रहा है,
जबकि यूपी में बेरोजगारी, महंगाई और अपराध चरम पर हैं।
वहीं, भाजपा ने सपा के इस तंज को बेबुनियाद बताया। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा,
“सपा अपनी हार से बौखलाई हुई है। विधायकों की
वापसी की अफवाहें फैला रही है। भाजपा में शामिल विधायक पार्टी के साथ हैं और
मंत्री पद की कोई चर्चा नहीं है। सीएम योगी जापान से निवेश ला रहे हैं,
जो यूपी के विकास के लिए है। सपा सिर्फ राजनीति कर रही है।”
2027 चुनाव की तैयारी
यह सियासी वार 2027 चुनाव की जमीन तैयार करने का हिस्सा माना जा रहा है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर हमलावर हैं।
हाल ही में उन्होंने महंगाई, किसान मुद्दों और कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा है।
भाजपा भी सपा को परिवारवाद और भ्रष्टाचार पर निशाने पर ले रही है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि
ऐसे तंज से पार्टियां अपने कैडर को एकजुट रखती हैं और विपक्ष को कमजोर दिखाती हैं।
तीन विधायकों की सपा में वापसी की अफवाहों ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।
अगर वे वापस आते हैं तो सपा को मजबूती मिलेगी, लेकिन भाजपा का दावा है कि वे पार्टी के साथ हैं।
यह प्रकरण यूपी राजनीति में नए मोड़ ला सकता है।
फिलहाल, सपा का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और यूजर्स अपनी राय दे रहे हैं।
यह घटना दर्शाती है कि यूपी में सियासत का रंग कितना तेजी से बदलता है।
2027 चुनाव से पहले ऐसे कई वार-पलटवार देखने को मिल सकते हैं।