गोरखपुर परीक्षा नकल कांड
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: गोरखपुर जिले में एक बार फिर परीक्षा में नकल और फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल धूसड़ स्थित एक सरकारी स्कूल के प्रधानाचार्य दीपक कुमार ने तहरीर देकर खुलासा किया कि चार छात्रों वीरेंद्र, शनि, नीरज और विनय के नाम पर फर्जी आधार कार्ड बनवाकर अन्य युवकों को परीक्षा दिलाई जा रही थी। इस धांधली में मुख्य आरोपी एमएमआर पब्लिक स्कूल, पादरी बाजार के शिक्षक कन्हैया सिंह निकले हैं, जिन्होंने फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराकर सूरज, अभिषेक, करन और सौरभ नामक चार युवकों को परीक्षा में बैठाया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना का पूरा विवरण
प्रधानाचार्य दीपक कुमार ने पीपीगंज थाने में दी तहरीर में बताया कि परीक्षा के दौरान संदिग्ध गतिविधियां दिखीं। जांच में पता चला कि स्कूल के रजिस्टर में दर्ज छात्र वीरेंद्र, शनि, नीरज और विनय परीक्षा केंद्र पर मौजूद नहीं थे। उनके स्थान पर अन्य युवक बैठे थे, जिनके आधार कार्ड स्कैन करने पर असंगति सामने आई। फर्जी आधार कार्ड की जांच में खुलासा हुआ कि ये कार्ड कूटरचित (फर्जी) थे और असली छात्रों के नाम पर बनवाए गए थे। पकड़े गए युवकों ने पूछताछ में कबूल किया कि शिक्षक कन्हैया सिंह ने उन्हें संपर्क किया था। कन्हैया ने फर्जी आधार कार्ड बनवाकर उन्हें परीक्षा में बैठने के लिए कहा और बदले में पैसे लिए।
आरोपियों ने बताया कि यह धंधा परीक्षा के दौरान चल रहा था, जिसमें कई अन्य छात्रों के नाम पर भी फर्जी उम्मीदवार बैठाए जा सकते थे। प्रधानाचार्य ने कहा कि यह परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर हमला है और ऐसे तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस कार्रवाई और FIR
पीपीगंज पुलिस ने प्रधानाचार्य की तहरीर पर IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 465 (फर्जी दस्तावेज), 467 (मूल्यवान सुरक्षा दस्तावेज में जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी), 471 (फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया। चार युवक सूरज, अभिषेक, करन और सौरभ को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। शिक्षक कन्हैया सिंह की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड जब्त किए हैं और UIDAI से इनकी वैधता की पुष्टि कराई जा रही है। जांच में पता चला है कि फर्जी कार्ड ऑनलाइन या लोकल एजेंटों के माध्यम से बनवाए गए थे।
सामाजिक प्रभाव और जांच की गति
यह मामला UP बोर्ड परीक्षाओं में बढ़ती नकल और फर्जीवाड़े को उजागर करता है।
गोरखपुर में पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं,
जहां शिक्षक और बाहरी लोग मिलकर परीक्षा में धांधली करते पकड़े गए हैं। शिक्षा विभाग ने कहा है कि
दोषी पाए जाने पर शिक्षक को निलंबित कर कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर सख्त निगरानी बढ़ाई गई है। अभिभावक और छात्र संगठन
इस घटना की कड़ी निंदा कर रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि
फर्जी परीक्षार्थियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर अन्य शामिल लोगों का भी खुलासा होगा।
यह गोरखपुर परीक्षा धांधली मामला शिक्षा व्यवस्था की साख पर सवाल खड़े कर रहा है,
जहां फर्जी आधार कार्ड से परीक्षा देने का खेल चल रहा था।
जांच जारी है और जल्द ही बड़ा खुलासा संभव है।