यूनिवर्सिटी लाल बारादरी विवाद
लखनऊ, उत्तर प्रदेश: लखनऊ विश्वविद्यालय (लविवि) परिसर में ऐतिहासिक लाल बारादरी (लाल बारादरी) के जर्जर होने के कारण सील किए जाने पर छात्र संगठनों के बीच तीखा विवाद भड़क गया है। रमजान के पवित्र महीने में मस्जिद के गेट को वेल्डिंग कर बंद करने और बैरिकेडिंग लगाने के विरोध में NSUI, समाजवादी छात्र सभा (SCS) और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के कार्यकर्ताओं ने रविवार-सोमवार की रात लाल बारादरी के बाहर सड़क पर नमाज अदा की और इफ्तार किया। इस कदम का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कड़ा विरोध किया, जिसके जवाब में ABVP कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इससे परिसर का माहौल तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को भारी बल के साथ तैनात होना पड़ा।
विवाद की शुरुआत और कारण
लाल बारादरी एक मुगलकालीन (लगभग 200 वर्ष पुरानी) ASI संरक्षित संरचना है, जिसमें मस्जिद स्थित है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इमारत की जर्जर हालत और सुरक्षा खतरे के कारण फरवरी की शुरुआत में फेंसिंग और मरम्मत कार्य शुरू किया। 2 फरवरी को रजिस्ट्रार कार्यालय ने निर्माण अधीक्षक को फेंसिंग लगाने का निर्देश दिया। रविवार को गेट सील कर बैरिकेडिंग लगाई गई, जिससे मुस्लिम छात्रों को नमाज के लिए प्रवेश नहीं मिला। छात्रों का आरोप है कि रमजान में बिना पूर्व सूचना के यह कार्रवाई जानबूझकर की गई ताकि नमाज रोकी जा सके। NSUI के राष्ट्रीय समन्वयक विशाल सिंह और SCS के नवनीत कुमार ने कहा कि वर्षों से यहां नमाज पढ़ी जाती रही है, लेकिन अब संवेदनशीलता की कमी दिखाई गई।
विरोध और काउंटर प्रोटेस्ट
रविवार शाम मुस्लिम छात्रों ने बैरिकेड के बाहर नमाज पढ़ी, जिसमें NSUI और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला (ह्यूमन चेन) बनाकर सुरक्षा प्रदान की। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें सांप्रदायिक सद्भावना की मिसाल दिखी। हालांकि, ABVP कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और कहा कि यदि कैंपस में नमाज पढ़ी जा रही है तो वे भी हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी नोकझोंक हुई। ABVP ने कहा कि विश्वविद्यालय शैक्षणिक संस्थान है, धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं; छात्र बाहर मस्जिद जा सकते हैं।
प्रशासन और पुलिस की भूमिका
लविवि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इमारत क्षतिग्रस्त है और कभी भी गिर सकती है, इसलिए सुरक्षा के लिए फेंसिंग जरूरी है। निर्माण अधीक्षक डॉ. श्यामलेश ने कहा कि यह ASI नियमों के तहत किया जा रहा है।
पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया और स्थिति को नियंत्रित किया।
फिलहाल परिसर में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन कोई बड़ी झड़प नहीं हुई।
सामाजिक प्रभाव
यह विवाद लखनऊ यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को उजागर करता है।
एक ओर सद्भावना की ह्यूमन चेन की तस्वीरें सराहना पा रही हैं,
वहीं दूसरी ओर ABVP का काउंटर प्रोटेस्ट तनाव बढ़ा रहा है।
छात्रों ने प्रशासन से पारदर्शिता और संवाद की मांग की है।
यह मामला UP में रमजान के दौरान धार्मिक स्वतंत्रता और सुरक्षा के बीच संतुलन पर बहस छेड़ रहा है।
जांच और वार्ता जारी है, ताकि आगे कोई अनियंत्रित स्थिति न बने।