वृंदावन बांके बिहारी मंदिर होली 2026:
वृंदावन, उत्तर प्रदेश: ब्रज की होली का सबसे प्रमुख केंद्र श्री बांके बिहारी मंदिर इस बार भक्तों के लिए खास सुविधा लेकर आ रहा है। मंदिर प्रबंधन ने होली 2026 के दौरान रंगोत्सव के दर्शन घर बैठे करने की नई व्यवस्था शुरू की है। रंगभरनी एकादशी (27 फरवरी 2026) से शुरू होने वाले उत्सव में भक्त अब लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए ठाकुर जी के दर्शन कर सकेंगे। मंदिर के द्वार, आसपास के तिराहे, चौराहे और प्रमुख स्थानों पर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं, जहां रंग खेलते ठाकुर जी के लाइव प्रसारण दिखाए जाएंगे। साथ ही एक समर्पित वेबसाइट तैयार हो रही है, जिसके माध्यम से दुनिया भर के श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन प्राप्त कर सकेंगे।
नई व्यवस्था का विवरण
बांके बिहारी मंदिर में होली के दौरान लाखों भक्त उमड़ते हैं, जिससे भीड़ और दर्शन में कठिनाई होती है। पिछले सालों में उच्चाधिकार समिति ने लाइव स्ट्रीमिंग की मंजूरी दी थी, और अब 2026 होली से इसे लागू किया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन ने एक फर्म को चुना है जो लाइव स्ट्रीमिंग संभालेगी। एलईडी स्क्रीन मंदिर के मुख्य द्वार, प्रवेश-निकास द्वारों और आसपास के इलाकों में लगाई जा रही हैं, ताकि बाहर खड़े भक्त भी रंगोत्सव देख सकें। घर बैठे दर्शन के लिए वेबसाइट पर लाइव फीड उपलब्ध होगा, जो मुफ्त होगा। यह व्यवस्था भीड़ प्रबंधन में मदद करेगी और दूर-दराज के भक्तों को ठाकुर जी के दिव्य रूप का आनंद लेने का मौका देगी।
होली 2026 का कार्यक्रम
ब्रज होली 27 फरवरी से शुरू हो रही है। प्रमुख तिथियां:
- 27 फरवरी (रंगभरनी एकादशी): रंगोत्सव की शुरुआत, मंदिर में ठाकुर जी पर रंग और केसरिया पानी छिड़का जाएगा।
- 28 फरवरी: फूलों वाली होली (फूलों से होली खेली जाएगी)।
- 27 फरवरी से 2 मार्च: होली महोत्सव, जिसमें सुबह-शाम रंग और भजन का माहौल रहेगा।
- 3 मार्च: होलिका दहन।
- 4 मार्च: धुलंडी/रंगवाली होली।
मंदिर में ठाकुर जी को जगमोहन में विराजमान कर दर्शन सुगम बनाए जा रहे हैं। प्लास्टिक और गुब्बारों पर प्रतिबंध जैसे नियम भी लागू होंगे। लाइव स्ट्रीमिंग से भक्त घर से ही इन उत्सवों का हिस्सा बन सकेंगे।
भक्तों की प्रतिक्रिया और महत्व
यह व्यवस्था भक्तों के लिए बड़ी राहत है, खासकर वृद्ध, बीमार या दूर रहने वाले श्रद्धालुओं के लिए। पिछले नवंबर 2025 में उच्चाधिकार समिति ने लाइव स्ट्रीमिंग की मंजूरी दी थी, और अब होली से इसे रोलआउट किया जा रहा है।
मंदिर प्रबंधन ने कहा कि यह सुविधा भीड़ कम करने और दर्शन को सुरक्षित बनाने में सहायक होगी।
भक्तों ने सोशल मीडिया पर खुशी जताई है, कई ने कहा कि
अब ठाकुर जी के रंग में रंगने का आनंद घर बैठे मिलेगा।
यह कदम वृंदावन की होली को और अधिक समावेशी बनाता है। मंदिर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं,
और जल्द ही वेबसाइट लिंक जारी किया जाएगा।
ब्रज की होली अब डिजिटल युग में प्रवेश कर रही है, जहां भक्ति की कोई सीमा नहीं।