कुशीनगर में
देर रात छात्र नेता के घर पर फायरिंग: पुलिस ने मुख्य आरोपी को घंटों में दबोचा
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में एक बार फिर अपराधियों की मनमानी और पुलिस की तेज कार्रवाई की मिसाल देखने को मिली। देर रात छात्र नेता के आवास पर अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों के साथ भारी फोर्स मौके पर पहुंची और मात्र कुछ घंटों में मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। जांच में मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह, विपिन और अनीश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात यह है कि आर्थक प्रताप सिंह पहले कुशीनगर में एक डांसर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले का आरोपी भी है।
घटना का पूरा विवरण: रात में चली गोली, घर के बाहर अफरा-तफरी
घटना कुशीनगर के एक छात्र नेता के घर के बाहर हुई। रात के करीब 11-12 बजे के बीच अचानक 4-5 राउंड फायरिंग की आवाजें गूंजीं। गोली घर की दीवार और गेट पर लगी, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। आवाज सुनकर परिवार और पड़ोसी बाहर निकले, लेकिन हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। छात्र नेता ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही एसपी और सीओ स्तर के अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी पुलिस फोर्स ने पूरे इलाके को घेर लिया और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए। स्थानीय मुखबिरों की मदद से पुलिस को जल्द ही सुराग मिल गए।
पुलिस की तेज कार्रवाई: तीन घंटे में मुख्य आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने रात भर छापेमारी की और तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया। इनमें एक स्थानीय नेता का बेटा भी शामिल था। प्रारंभिक पूछताछ के बाद पुलिस ने घटना का मुख्य आरोपी आर्थक प्रताप सिंह, विपिन और अनीश शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। आर्थक प्रताप सिंह पर पहले से ही कुशीनगर में एक डांसर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप है, जिसके चलते वह जमानत पर था।
*पुलिस ने आरोपियों के पास से एक अवैध पिस्टल, 5 जिंदा कारतूस और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला कि फायरिंग पुरानी रंजिश और छात्र राजनीति से जुड़े विवाद के कारण की गई। पुलिस ने मामले में आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
आरोपी आर्थक प्रताप सिंह का आपराधिक इतिहास
आर्थक प्रताप सिंह का नाम कुशीनगर में पहले से चर्चित है।
वह एक डांसर के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में मुख्य आरोपी था।
उस मामले में कई लोग गिरफ्तार हुए थे, लेकिन आर्थक जमानत पर बाहर था। पुलिस का कहना है कि
उसकी आपराधिक गतिविधियां जारी थीं और वह संगठित तरीके से अपराध कर रहा था।
इस गिरफ्तारी से इलाके में अपराधियों में दहशत का माहौल है।
छात्र नेता और परिवार में दहशत, न्याय की मांग
छात्र नेता और उनके परिवार में घटना से दहशत का माहौल है।
परिवार ने कहा कि यह फायरिंग केवल चेतावनी नहीं
, बल्कि हत्या का प्रयास था। उन्होंने पुलिस से कड़ी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।
स्थानीय लोग भी कह रहे हैं कि छात्र राजनीति में हथियारों का
इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिस पर रोक लगनी चाहिए।
पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को सामने लाती है,
लेकिन पुलिस की तेज कार्रवाई ने खाकी की छवि को मजबूत किया है।
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