गोरखपुर के जंगल कौड़िया में
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक बार फिर समाज की क्रूरता ने सबको झकझोर दिया है। पीपीगंज थाना क्षेत्र के जंगल कौड़िया इलाके में एक शादी समारोह के दौरान 8 साल की मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी की गई। यह घटना इतनी दिल दहला देने वाली है कि पूरा क्षेत्र स्तब्ध है। बच्ची की हालत गंभीर बताई जा रही है और आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
घटना का विवरण
ग्रामीणों के अनुसार, गांव में आयोजित विवाह समारोह में जयमाला कार्यक्रम चल रहा था। सभी लोग उत्सव के माहौल में डूबे हुए थे। इसी दौरान गांव का एक युवक मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर शादी स्थल से लगभग 150 मीटर दूर एक पुराने मकान के पास सुनसान स्थान पर ले गया। आरोप है कि वहीं उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद बच्ची खून से लथपथ हालत में मिली। परिवार और ग्रामीणों ने तुरंत उसे सीएचसी कौड़िया पहुंचाया, जहां से उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया।
पुलिस को शनिवार तड़के करीब 3 बजे 112 नंबर पर सूचना मिली। त्वरित कार्रवाई में बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ और उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी अशोक निषाद को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने बच्ची को चॉकलेट या अन्य बहाने से फुसलाया।
समाज में बढ़ती हैवानियत और सुरक्षा की चिंता
यह घटना समाज में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शादी जैसे खुशी के मौके पर भी मासूम बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे मामलों में अक्सर भीड़ का फायदा उठाकर अपराधी वारदात को अंजाम देते हैं।
गोरखपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में नाबालिगों के
साथ दुष्कर्म के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
पॉक्सो एक्ट के तहत यह मामला गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
ताकि समाज में डर पैदा हो और ऐसे अपराध रुक सकें। ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी
पहले से ही संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। ड्रोन फुटेज और स्थानीय पूछताछ से मदद मिली।
प्रशासन को अब गांवों में जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है।
बच्चों को अकेले न छोड़ने, संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने और
आपात स्थिति में तुरंत 112 या 1098 पर कॉल करने की सलाह दी जा रही है।
यह वारदात हमें याद दिलाती है कि समाज में अभी भी हैवानियत बाकी है।
मासूम बच्चियों की सुरक्षा सबकी जिम्मेदारी है। परिवार, समाज और सरकार मिलकर ऐसे अपराधों पर रोक लगाएं।
पीड़ित बच्ची के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं और परिवार को न्याय मिले।
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