बागपत के दिल्ली-सहारनपुर
बागपत के दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर शुक्रवार दोपहर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर रामा हॉस्पिटल के पास स्कॉर्पियो सवार चालक ने जीएनएम की छात्रा अंशु (21) को टक्कर मार दी। छात्रा अस्पताल जा रही थी, लेकिन हादसे में उसे करीब 100 मीटर तक घसीटा गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। आरोपी चालक फरार हो गया। पुलिस जांच में जुटी है।
हादसे का पूरा विवरण
शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे के आसपास अंशु (21) रामा हॉस्पिटल की ओर पैदल जा रही थी। वह जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) की छात्रा थी और संभवतः ड्यूटी या क्लास के लिए जा रही थी। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर रामा हॉस्पिटल के पास तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उसे पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अंशु सड़क पर गिर पड़ी और स्कॉर्पियो ने उसे लगभग 100 मीटर तक घसीट लिया। आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक छात्रा की मौत हो चुकी थी।
आरोपी चालक फरार, पुलिस अलर्ट
हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक ने वाहन नहीं रोका और तेजी से फरार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि वाहन तेज गति से जा रहा था और चालक ने ब्रेक लगाने की बजाय एक्सीलरेटर दबा दिया। बागपत पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और चेकपोस्ट पर अलर्ट जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को पकड़ लिया जाएगा।
परिवार और स्थानीय लोगों में आक्रोश
अंशु का परिवार सदमे में है। परिवार ने बताया कि वह पढ़ाई पूरी कर नर्स बनने वाली थी और परिवार की इकलौती उम्मीद थी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने हाईवे पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया और बेहतर सड़क सुरक्षा की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि इस हाईवे पर तेज गति के वाहन और पैदल यात्रियों के लिए कोई सुरक्षित क्रॉसिंग नहीं है। कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सड़क सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह हादसा उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा की बदहाली को फिर से उजागर करता है। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर
तेज ट्रैफिक और पैदल यात्रियों की अधिकता के कारण हादसे आम हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि
हाईवे पर फुट ओवर ब्रिज, स्पीड ब्रेकर और पैदल क्रॉसिंग की कमी बड़ी वजह है।
पिछले एक साल में बागपत जिले में ही दर्जनों हादसे हो चुके हैं,
जिनमें युवाओं और छात्रों की मौत हुई है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
बागपत एसपी ने मामले का संज्ञान लिया है और जांच के आदेश दिए हैं।
आरोपी चालक के खिलाफ IPC की धारा 304A
(लापरवाही से मौत), 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) और 338 (चोट पहुंचाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी को
जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
अंशु की मौत एक बार फिर साबित करती है कि सड़कें कितनी खतरनाक हो सकती हैं।
एक जीएनएम छात्रा, जो दूसरों की
जान बचाने वाली नर्स बनने वाली थी, खुद सड़क हादसे में चली गई। परिवार और समाज में गहरा सदमा है।
प्रशासन से अपेक्षा है कि आरोपी को जल्द पकड़ा जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए
ठोस कदम उठाए जाएं। अंशु की आत्मा को शांति और परिवार को हिम्मत मिले।
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