दो IAS अधिकारियों की सादगी भरी कोर्ट मैरिज
दो IAS अधिकारियों की सादगी भरी शादी: परंपरा से अलग उदाहरण
राजस्थान के अलवर जिले में बुधवार को एक ऐसी शादी हुई जिसने समाज में सादगी और सरलता का संदेश दिया। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की बेटी अदिति (IAS अधिकारी) ने उत्तराखंड के मसूरी के माधव (IAS अधिकारी) से कोर्ट मैरिज की। इस शादी में कोई बैंडबाजा, बारात या भव्य आयोजन नहीं था। सिर्फ दोनों पक्षों के परिजन और कुछ वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह विवाह भारतीय सिविल सेवा में कार्यरत दो युवा अधिकारियों के बीच हुआ, जो अपनी व्यस्त जिंदगी में भी सादगी को प्राथमिकता देते हैं।
अदिति और माधव: IAS की सफल जोड़ी
अदिति बरेली की रहने वाली हैं और उन्होंने UPSC परीक्षा पास कर IAS बनकर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। वहीं माधव मसूरी (उत्तराखंड) के हैं और वे भी IAS अधिकारी हैं। दोनों ने अपनी पढ़ाई और करियर में कड़ी मेहनत की। शादी की तारीख तय होने के बाद उन्होंने फैसला किया कि विवाह सरल तरीके से होगा। अलवर कोर्ट में रजिस्ट्रेशन करवाकर वे जीवनसाथी बने। यह फैसला आज के समय में जहां शादियां लाखों-करोड़ों में होती हैं, वहां एक अलग मिसाल पेश करता है।
कोर्ट मैरिज में मौजूद रहे परिजन और अधिकारी
शादी के दौरान अदिति और माधव के माता-पिता, भाई-बहन और कुछ करीबी रिश्तेदार मौजूद थे। साथ ही दोनों के कुछ वरिष्ठ IAS अधिकारी भी शामिल हुए। कोई ढोल-नगाड़ा, मेहंदी या सात फेरे जैसी रस्में नहीं निभाई गईं। बस कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों ने एक-दूसरे को जीवन साथी माना। यह शादी न केवल परिवार बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायक है, क्योंकि यह दिखाता है कि सफल लोग भी सादगी से जीवन जी सकते हैं।
सादगी भरी शादी का महत्व और संदेश
आजकल शादियां दिखावे और खर्चे का प्रतीक बन गई हैं। लेकिन अदिति और माधव की यह शादी बताती है कि प्यार और साथ निभाने का वादा धन-दौलत या भव्यता से नहीं, बल्कि समझ और सादगी से मजबूत होता है। IAS जैसे उच्च पद पर पहुंचकर भी उन्होंने समाज को संदेश दिया कि विवाह एक पवित्र बंधन है, जिसे सरल तरीके से निभाया जा सकता है।
यह घटना युवाओं को प्रेरित करेगी कि करियर और व्यक्तिगत जीवन में बैलेंस बनाकर सादगी अपनाएं।
IAS अधिकारियों की शादी: समाज में चर्चा
यह खबर सोशल मीडिया और न्यूज में तेजी से फैली। लोग सराहना कर रहे हैं कि दो
IAS अधिकारियों ने परंपरागत खर्चीली शादियों को ठुकराकर कोर्ट मैरिज चुनी।
बरेली और मसूरी के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं।
यह शादी न केवल व्यक्तिगत बल्कि सामाजिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है,
क्योंकि यह दिखाता है कि शिक्षा और जागरूकता से समाज बदल सकता है।
सादगी ही असली सुंदरता
अदिति और माधव की यह कोर्ट मैरिज एक मिसाल है कि जीवन में सफलता के साथ सादगी भी जरूरी है।
बिना किसी दिखावे के वे जीवनसाथी बने और आगे प्रशासनिक सेवा में योगदान देंगे।
ऐसी शादियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाती हैं।
बधाई हो अदिति और माधव को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए।