उत्तर प्रदेश
यूपी सरकार की जनसुनवाई पर नई सख्ती: सीएम योगी की नाराजगी के बाद नए आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने जनसुनवाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद सीएम कार्यालय ने डीएम और एसएसपी की जनसुनवाई की सीधी निगरानी शुरू कर दी है। जिलास्तर पर जनता दर्शन और शिकायत निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए आदेश के तहत अब हर कार्यदिवस पर जिलाधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने कार्यालय में उपस्थित रहकर जनसुनवाई करनी होगी।
सीएम कार्यालय से होगी लाइव मॉनिटरिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग अनिवार्य
सीएम योगी की सख्ती के चलते अब जनसुनवाई के निर्धारित समय पर डीएम और एसएसपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम कार्यालय से जोड़ा जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि अधिकारी कार्यालय में मौजूद हैं और जनता की फरियाद सुन रहे हैं। मोबाइल फोन, अन्य स्थान या किसी वैकल्पिक तरीके से लाइव जुड़ने की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था जन शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए लागू की गई है।
लापरवाही पर सीएम योगी की नाराजगी, समयबद्ध निस्तारण पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जनता की समस्याओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं। हाल ही में जनसुनवाई के दौरान कुछ जिलों में अधिकारियों की अनुपस्थिति या ढिलाई की शिकायतें मिलीं, जिससे सीएम नाराज हुए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-समस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। यह कदम IGRS, CM हेल्पलाइन और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर दर्ज शिकायतों की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से उठाया गया है।
जनसुनवाई के नए नियम: क्या बदलाव आएंगे?
- समय: रोज सुबह 10:00 से 12:00 बजे तक अनिवार्य उपस्थिति।
- स्थान: कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहना जरूरी।
- निगरानी: सीएम कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाइव चेकिंग।
- प्रतिबंध: मोबाइल या अन्य जगह से जुड़ना पूरी तरह मना।
- उद्देश्य: जनता की शिकायतों का त्वरित निस्तारण और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाना।
ये नियम सभी जिलों के डीएम, एसएसपी और पुलिस कमिश्नर पर लागू होंगे।
इससे आम नागरिकों को बेहतर सेवा मिलेगी और प्रशासन अधिक संवेदनशील बनेगा।
योगी सरकार की प्रतिबद्धता: जनकल्याण में कोई ढिलाई नहीं
सीएम योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन सरकार जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देती है। जनता दर्शन,
संपूर्ण समाधान दिवस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से लाखों शिकायतों का निस्तारण हो रहा है।
नई सख्ती से अफसरों में अनुशासन आएगा और जनता का भरोसा बढ़ेगा।
यह कदम उत्तर प्रदेश को और बेहतर प्रशासन देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
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