गोरखपुर के खजनी में ईंट भट्ठे
छोटी बात बनी जानलेवा झगड़ा
गोरखपुर जिले के खजनी थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने एक परिवार को हमेशा के लिए उदास कर दिया है। बीते शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को डोडो चौराहे के पास शाहिदाबाद मार्ग पर स्थित एक ईंट भट्ठे पर 43 वर्षीय नियाज और स्थानीय युवक आकाश निषाद के बीच छोटी-सी बात पर कहासुनी शुरू हुई। जो बात शुरू में मामूली लग रही थी, वह कुछ ही पलों में हिंसक झगड़े में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आकाश ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर नियाज पर ईंटों से जमकर हमला कर दिया। नियाज गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल पहुंचने के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी।
घटना का विवरण: कैसे बढ़ा विवाद हिंसा में
घटना दोपहर के समय हुई। नियाज ईंट भट्ठे पर मजदूरी कर रहे थे। आकाश निषाद और उसके साथी भी उसी इलाके के हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि विवाद किसी छोटी-मोटी बात पर शुरू हुआ – कुछ लोग इसे पानी पीने या काम के दौरान हुई बहस बता रहे हैं। लेकिन बात इतनी बढ़ गई कि आकाश और उसके तीन साथियों ने ईंटें उठाकर नियाज पर बेरहमी से हमला बोल दिया। नियाज के सिर, छाती और शरीर के कई हिस्सों पर गहरे घाव आए। खून से लथपथ नियाज को तुरंत खजनी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उन्हें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर पर चोट और अत्यधिक रक्तस्राव बताया गया है।
परिवार का गुस्सा: थाने पर प्रदर्शन और नारेबाजी
नियाज की मौत की खबर फैलते ही उनके परिजन और गांव के लोग सदमे में आ गए। शनिवार 14 फरवरी को परिवार ने खजनी थाने पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों – आकाश निषाद और उसके तीन साथियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए – “कातिलों को फांसी दो”, “न्याय दो, न्याय दो”। परिवार का आरोप है कि पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही, जबकि घटना के कई गवाह मौजूद हैं। परिजनों ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे लंबा आंदोलन करेंगे और उच्च अधिकारियों से मिलेंगे।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
खजनी थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है। धारा 302 (हत्या), 147 (दंगा), 148 (हथियारबंद दंगा), 149 (अवैध सभा) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए हैं। अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस का दावा है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा। परिवार का कहना है कि
आकाश निषाद का राजनीतिक कनेक्शन है, जिसके चलते पुलिस आनाकानी कर रही है।
सामाजिक प्रभाव: छोटे विवादों में बढ़ती हिंसा
यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में छोटे-छोटे विवादों को हिंसक रूप लेने की
समस्या को उजागर करती है। ईंट भट्ठे जैसे कार्यस्थलों पर मजदूरों के बीच
अक्सर तनाव रहता है, लेकिन यह हिंसा की हद तक पहुंच जाना चिंताजनक है।
स्थानीय लोग कहते हैं कि अब मजदूर डर के मारे काम पर जाने से हिचकिचा रहे हैं।
परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और कहा है कि नियाज की मौत व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।
न्याय की उम्मीद
नियाज की मौत ने एक परिवार को तोड़ दिया है और पूरे इलाके में
आक्रोश फैलाया है। अब सवाल यह है कि क्या
पुलिस आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करेगी और परिवार को न्याय मिलेगा? खजनी थाने पर प्रदर्शन जारी है।
यह घटना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और हिंसा के खिलाफ एक चेतावनी है।
उम्मीद है कि प्रशासन जल्द कार्रवाई करेगा ताकि ऐसे मामलों में डर का माहौल न बने।
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