अवि प्रसाद कौन हैं? 2014 बैच के IAS का सफर
मध्य प्रदेश कैडर के चर्चित IAS अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों अपने निजी जीवन के कारण सुर्खियों में हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले अवि प्रसाद 2014 बैच के IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने यूपी पब्लिक सर्विस कमीशन के माध्यम से सिविल सेवा में प्रवेश किया। उनका जन्मस्थान यूपी का कोई छोटा शहर माना जाता है, लेकिन सेवा के बाद वे मध्य प्रदेश में सक्रिय हो गए। अवि प्रसाद ने MP के कई जिलों में कलेक्टर के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया है। वे भोपाल, इंदौर और जबलपुर जैसे प्रमुख जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
अवि प्रसाद वर्तमान में मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के पद पर तैनात हैं। इस भूमिका में वे मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन पर फोकस करते हैं। उनके नेतृत्व में MP में कई जिलों में योजना के क्रियान्वयन को मजबूत किया गया है। अवि प्रसाद का प्रशासनिक रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहा है, लेकिन उनका निजी जीवन अब विवादों का केंद्र बन गया है। सोशल मीडिया पर #AviPrasadThirdMarriage ट्रेंड कर रहा है, जहां लोग उनके तीन विवाहों पर सवाल उठा रहे हैं।
तीसरा विवाह: IAS अंकिता धाकरे से शादी, कैसे हुई बात
?अवि प्रसाद का तीसरा विवाह मध्य प्रदेश मंत्रालय में कार्यरत IAS अधिकारी अंकिता धाकरे से हुआ है। अंकिता भी मध्य प्रदेश कैडर की अधिकारी हैं और वर्तमान में भोपाल में मंत्रालयी स्तर पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं। यह शादी हाल ही में संपन्न हुई, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट्स और आधिकारिक सर्कल्स से सामने आई। अवि प्रसाद और अंकिता धाकरे की मुलाकात प्रशासनिक कार्यों के दौरान हुई मानी जाती है। दोनों की उम्र लगभग समान है और वे एक-दूसरे के प्रोफेशनल जीवन से परिचित थे।
शादी की तस्वीरें वायरल हो गई हैं, जिसमें दोनों पारंपरिक परिधानों में दिख रहे हैं। अवि प्रसाद ने सोशल मीडिया पर इसे ‘नया अध्याय’ बताया है। हालांकि, यह विवाह इसलिए चर्चा में है क्योंकि अवि प्रसाद की दोनों पूर्व पत्नियां भी मध्य प्रदेश में ही कलेक्टर पद पर तैनात हैं। एक पूर्व पत्नी छिंदवाड़ा जिले की कलेक्टर हैं, जबकि दूसरी बालाघाट में सेवा दे रही हैं। यह संयोग MP प्रशासनिक सर्कल में हलचल मचा रहा है। क्या यह IAS जोड़ों की नई ट्रेंड है या निजी मामला? यह सवाल हर तरफ गूंज रहा है।
दोनों पूर्व पत्नियां कलेक्टर: MP में अनोखा संयोग या विवाद?
अवि प्रसाद की पहली शादी एक IAS अधिकारी से हुई थी, जो अब छिंदवाड़ा जिले की कलेक्टर हैं। दूसरी शादी भी प्रशासनिक सेवा की महिला से की गई, जो बालाघाट कलेक्टर के पद पर हैं। दोनों ही अधिकारी मध्य प्रदेश कैडर की हैं और अपने-अपने जिलों में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। तीसरे विवाह के बाद सोशल मीडिया पर मीम्स और बहस छिड़ गई है। लोग पूछ रहे हैं- “क्या MP में IAS अफसरों का ऐसा चलन बढ़ रहा है?”
इन पूर्व पत्नियों ने अपने करियर पर कोई असर नहीं पड़ने दिया। छिंदवाड़ा कलेक्टर ने हाल ही में जिले में विकास योजनाओं की समीक्षा की, जबकि बालाघाट वाली ने बाढ़ राहत कार्यों में नेतृत्व किया। अवि प्रसाद ने भी अपनी CEO जिम्मेदारी निभाई। लेकिन निजी जीवन सार्वजनिक हो जाने से नैतिक सवाल उठे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि IAS अधिकारियों का निजी जीवन गोपनीय रहना चाहिए, लेकिन सोशल मीडिया युग में यह असंभव है।
सोशल मीडिया पर वायरल रिएक्शन: मीम्स से लेकर बहस तक
ट्विटर (X) और फेसबुक पर अवि प्रसाद के तीसरे विवाह को लेकर हजारों पोस्ट्स हो चुके हैं। एक यूजर ने लिखा- “तीन IAS दुल्हनें, कितना लकी अफसर!” वहीं, कुछ ने महिला सशक्तिकरण का उदाहरण दिया। इंस्टाग्राम रील्स में मीम्स वायरल हैं। MP के राजनीतिक गलियारों में भी यह चर्चा का विषय है। क्या यह विवाह BJP या कांग्रेस के लिए राजनीतिक मुद्दा बनेगा? फिलहाल, अवि प्रसाद चुप हैं।
अवि प्रसाद का भविष्य: CEO से आगे का सफर
रोजगार गारंटी CEO के रूप में अवि प्रसाद MP सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम कर रहे हैं। 2026 बजट में मनरेगा को और मजबूत करने की योजना है। उनके अनुभव से MP ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। लेकिन विवाह विवाद उनके करियर को प्रभावित करेगा या नहीं, यह समय बताएगा। यूपी मूल के इस अधिकारी ने MP को अपना घर बना लिया है।