योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश विधानमंडल में आज से वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा शुरू हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विधायकों को बजट पर बोलने का मौका दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए पुरानी कहावत का जिक्र किया और कहा कि पहले विपक्ष की ओर से कहा जाता था “देख सपाई-बेटियां घबराई”, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। योगी ने कहा कि अब बेटियां नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह बयान सदन में हंगामा और विपक्ष की नारेबाजी के बीच आया।
बजट चर्चा में योगी का तीखा हमला
विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष बेटियों को लेकर डर फैलाता था, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में बेटियां नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं, फैक्टरियों में जॉब कर रही हैं और अपनी सुरक्षा के लिए सशक्त हो रही हैं। योगी ने कहा, “पहले कहावत थी ‘देख सपाई-बेटियां घबराई’, लेकिन आज बेटियां नाइट शिफ्ट में काम कर रही हैं और घर चलाने में बराबर का योगदान दे रही हैं। यह उत्तर प्रदेश की बेटियों की ताकत है।” उनका यह बयान विपक्ष के लिए चुनौतीपूर्ण था और सदन में तालियां बजीं।
विपक्ष का हंगामा और सपा का जवाब
योगी के बयान पर सपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया। अखिलेश यादव समर्थक विधायकों ने कहा कि सरकार बेटियों की सुरक्षा को लेकर अभी भी असफल है। सपा ने आरोप लगाया कि बजट में बेटियों के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। कांग्रेस विधायकों ने भी कहा कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाली बेटियां असुरक्षित हैं और सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन को शांत कराने की कोशिश की और चर्चा को आगे बढ़ाया।
बजट चर्चा में प्रमुख मुद्दे
आज की चर्चा में बजट के विभिन्न पहलुओं पर बात हुई। विपक्ष ने आरोप लगाया कि बजट में किसानों,
बेरोजगारों और महिलाओं के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं है। योगी सरकार ने दावा किया कि बजट में
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के विकास पर विशेष फोकस है। मुख्यमंत्री ने कहा कि
उत्तर प्रदेश अब निवेश का हब बन चुका है और बेटियां भी आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं।
राजनीतिक महत्व और भविष्य की संभावनाएं
योगी का यह बयान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा को चुनौती देने वाला माना जा रहा है।
सपा ने बेटियों की सुरक्षा और रोजगार को मुद्दा बनाया हुआ है। योगी के बयान से साफ है कि
भाजपा महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को प्रमुख मुद्दा बनाकर चुनावी मैदान में उतरेगी।
विधानमंडल सत्र में आने वाले दिनों में बजट पर और तीखी बहस होने की संभावना है।
यह सत्र उत्तर प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण बनाने वाला साबित हो सकता है।
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