गोरखपुर मेंहदावल मार्ग पर सड़क हादसा
मेंहदावल क्षेत्र के बरईपुर निवासी रामकेश उर्फ छोटू यादव (25) पुत्र मोहरत यादव और सोहन उर्फ गोलू (22) पुत्र गोपाल कन्नौजिया बाइक से शनिवार को गोरखपुर मोबाइल बनवाने गए थे। रात 11:00 बजे के करीब वह बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान बेलौली गांव के पास बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों बंधे के नीचे गड्ढे में चले गए। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना गोरखपुर-मेंहदावल मार्ग पर हुई, जहां सड़क पर गड्ढे और खराब रोशनी के कारण कई हादसे हो चुके हैं।
हादसे का पूरा विवरण
शनिवार शाम को रामकेश उर्फ छोटू यादव और सोहन उर्फ गोलू बाइक से गोरखपुर गए थे। दोनों ने मोबाइल रिपेयरिंग का काम करवाया और रात करीब 11 बजे वापस लौट रहे थे। बेलौली गांव के पास सड़क पर बड़ा गड्ढा था, जो अंधेरे में दिखाई नहीं दिया। बाइक अनियंत्रित होकर सीधे गड्ढे में गिर गई। दोनों युवक बाइक के नीचे दब गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने बताया कि दोनों युवक परिवार की आर्थिक कमजोरी दूर करने में मदद करते थे। छोटू यादव परिवार का मुख्य कमाने वाला था और सोहन भी रोजगार की तलाश में था। हादसे की सूचना मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजन और ग्रामीण सड़क की खराब स्थिति के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
पुलिस जांच और प्रारंभिक जानकारी
मेंहदावल थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शवों को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सड़क हादसा माना गया है। पुलिस ने बताया कि बाइक अनियंत्रित होने का मुख्य कारण सड़क पर गड्ढा और रात का अंधेरा था। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। एसपी गोरखपुर ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सड़क की खराब स्थिति के लिए संबंधित विभाग की जांच हो और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए।
सड़क की खराब स्थिति: ग्रामीणों का गुस्सा
मेंहदावल-गोरखपुर मार्ग पर कई जगह गड्ढे और टूटी सड़क है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के बाद सड़क और खराब हो गई, लेकिन ठीक नहीं कराई गई। रात में रोशनी की कमी के कारण हादसे आम हो गए हैं। स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद भी सड़क मरम्मत क्यों नहीं हो रही। कई ग्रामीणों ने बताया कि इसी मार्ग पर पिछले कुछ महीनों में
4-5 हादसे हो चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
परिवार पर छाया दुख और सामाजिक संदेश
रामकेश और सोहन की मौत से दोनों परिवार टूट गए हैं। छोटू यादव के पिता ने बताया कि
बेटा मोबाइल बनवाकर लौट रहा था और अब पूरा परिवार असहाय हो गया है। सोहन के
परिजनों ने भी गहरा दुख जताया। गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क को
तुरंत ठीक किया जाए और रोशनी की व्यवस्था हो। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि
सड़क सुरक्षा और रखरखाव में लापरवाही कितनी जानलेवा साबित हो सकती है।
सड़क हादसों पर रोकथाम के लिए जरूरी कदम
- सड़क पर गड्ढों की तत्काल मरम्मत।
- रात में स्ट्रीट लाइट और रिफ्लेक्टर लगाना।
- स्पीड ब्रेकर और चेतावनी बोर्ड लगाना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाना।
यह दुखद घटना परिवारों के लिए सबक है और प्रशासन के लिए चेतावनी।
उम्मीद है कि जल्द सड़क ठीक होगी और ऐसी घटनाएं रुकेंगी।
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