लोकसभा के बजट सत्र 2026 में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर सीधी चोट की। फरवरी 2026 के इस सत्र में उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सरकार को घेरा, आरोप लगाया कि यह डील देश के हितों के खिलाफ है और अमेरिकी कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली है। राहुल ने कहा कि यह ट्रेड एग्रीमेंट किसानों की आय को और प्रभावित करेगा, जबकि सरकार विकास का दावा कर रही है। उन्होंने सदन में तीखे सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या यह डील अडानी ग्रुप जैसे बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का जरिया है।
अमेरिका ट्रेड डील पर राहुल का तीखा प्रहार
राहुल गांधी ने लोकसभा में अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को “भारत माता को बेचने” जैसा करार दिया। उनका कहना था कि इस डील से कृषि क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित होगा, क्योंकि आयातित सस्ते उत्पाद किसानों को नुकसान पहुंचाएंगे। उन्होंने PM मोदी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि सरकार बड़े कॉर्पोरेट्स के इशारे पर चल रही है। सदन में हंगामा मच गया जब कांग्रेस सदस्यों ने नारेबाजी शुरू की और वॉकआउट कर दिया। राहुल ने एआई और वैश्विक बदलावों का जिक्र करते हुए बजट की कमियों को भी उजागर किया।
अडानी कंपनी पर लगाए गंभीर आरोप
बजट सत्र के दौरान राहुल ने अडानी ग्रुप पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अडानी को अनुचित लाभ दे रही है, चाहे एयरपोर्ट्स हों या पोर्ट प्रोजेक्ट्स। लोकसभा में उन्होंने सबूत मांगते हुए कहा कि ट्रेड डील में अडानी का बड़ा रोल है। विपक्ष ने इसे क्रोनी कैपिटलिज्म का उदाहरण बताया। सरकार ने इसका खंडन किया, लेकिन राहुल ने दस्तावेज दिखाने की मांग की। यह मुद्दा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के किसानों से जुड़ा होने से खासा गरमाया।
किसान आंदोलन और बजट पर सवाल
राहुल गांधी ने किसानों के मुद्दे को केंद्र में रखा। उन्होंने कहा कि बजट में किसान हित के बड़े-बड़े वादे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। MSP की गारंटी न देने और ट्रेड डील से आयात बढ़ने का खतरा बताया। लोकसभा में उन्होंने PM मोदी से सीधे जवाब मांगा कि किसानों की आय कब दोगुनी होगी। विपक्ष ने इसे ऐतिहासिक भाषण करार दिया।
हंगामे के बीच स्पीकर ने सदन स्थगित कर दिया। यह घटना 10 फरवरी 2026 को घटी।
सरकार का पलटवार और सदन में हंगामा
सरकार ने राहुल के आरोपों का तीखा जवाब दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने
इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर फोकस का बचाव किया। बीजेपी सांसदों ने
प्रिविलेज मोशन की धमकी दी। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष सच्चाई से भाग रहा है।
BJP ने राहुल के बयानों को अपमानजनक बताया। पूरा सत्र हंगामे में बीत गया।
राजनीतिक प्रभाव और भविष्य की रणनीति
यह घटना 2026 के बजट सत्र को यादगार बना गई। राहुल का
यह आक्रामक रुख विपक्ष को मजबूत करने वाला साबित हो रहा है।
सोशल मीडिया पर #RahulVsModi ट्रेंड कर रहा है। उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले यह मुद्दा गरमाएगा।
राहुल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि सच्चाई को जनता तक पहुंचाएं।