जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी वित्तीयकर्मी और दोषी सिद्ध यौन अपराधी था, जिसकी मृत्यु 2019 में जेल में हुई। वह नाबालिग लड़कियों की सेक्स ट्रैफिकिंग के लिए कुख्यात था और उच्च वर्ग के लोगों से जुड़ा रहा।
मुख्य तथ्य
एपस्टीन का जन्म 1953 में ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क में हुआ था। वह Dalton School में गणित शिक्षक रह चुका था, फिर Bear Stearns में काम किया और बाद में J. Epstein & Company शुरू की, जहां अरबपति लेस्ली वेक्सनर जैसे क्लाइंट्स थे। उसकी संपत्ति मुख्यतः वित्तीय सलाह और संपत्ति प्रबंधन से बनी, जिसमें न्यूयॉर्क, पाम बीच, न्यू मैक्सिको और लिटिल सेंट जेम्स द्वीप शामिल थे।
अपराधों का इतिहास
2005 में पाम बीच पुलिस ने जांच शुरू की जब एक 14 वर्षीय लड़की के पिता ने शिकायत की। एपस्टीन पर 36 नाबालिग लड़कियों (कुछ 14 साल की) के यौन शोषण का आरोप लगा। वह गरीब लड़कियों को मसाज के बहाने बुलाता और उसके सहयोगी घिस्लेन मैक्सवेल उन्हें भर्ती करतीं। 2008 में फ्लोरिडा में plea deal के तहत उसने दो राज्य अपराध कबूल किए, 13 महीने जेल काटी (work release के साथ), लेकिन संघीय जांच बंद हो गई।
द्वीप और नेटवर्क
एपस्टीन का लिटिल सेंट जेम्स द्वीप (पेलू के नाम से जाना जाता) अपराधों का केंद्र था, जहां प्राइवेट जेट से मेहमान आते। पीड़िताओं ने बताया कि वहां कैमरे लगे थे और भागना मुश्किल। वह बिल क्लिंटन, डोनाल्ड ट्रंप जैसे नामों से जुड़ा, लेकिन ट्रंप ने 2000s में दूरी बना ली। मैक्सवेल को 2022 में 20 साल की सजा हुई।
गिरफ्तारी और मृत्यु2018 में
Miami Herald की रिपोर्ट “Perversion of Justice” के बाद 2019 में न्यूयॉर्क में सेक्स ट्रैफिकिंग के आरोप में गिरफ्तार। उसके घर से नाबालिगों की नग्न तस्वीरें मिलीं। 10 अगस्त 2019 को जेल में आत्महत्या पाई गई, लेकिन साजिश सिद्धांत प्रचलित हैं (DOJ रिपोर्ट ने लापरवाही बताई, हत्या नहीं)।
हालिया फाइलें और भारत कनेक्शन
2025-2026 में Epstein Files Transparency Act से लाखों ईमेल/दस्तावेज जारी हुए, जिसमें ट्रंप प्रशासन के अधिकारी, क्लिंटन आदि नाम आए। मोदी का नाम एक 2019 ईमेल में आया जहां एपस्टीन ने स्टीव बैनन से मीटिंग ब्रोकर करने की कोशिश की (“Modi on board”), लेकिन कोई मीटिंग या अपराधी लिंक नहीं। Hardeep Puri का कैलेंडर में उल्लेख, अनिल अंबानी के ईमेल सतही। कोई आपराधिक संबंध सिद्ध नहीं।