जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी
जनता दर्शन का आयोजन: सीएम योगी ने सुनीं जन समस्याएं
14 फरवरी 2026 को गोरखनाथ मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने करीब 150 लोगों की व्यक्तिगत समस्याएं सुनीं और तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। जनता दर्शन उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जहां आम नागरिक सीधे मुख्यमंत्री से अपनी शिकायतें और समस्याएं रख सकते हैं। योगी जी ने इस मौके पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि पीड़ितों की मदद में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुख्यमंत्री के प्रति अपनी संतुष्टि जाहिर की और कहा कि उनकी आवाज सुनी गई।
गलत जांच रिपोर्ट पर सख्ती: FIR का आदेश
जनता दर्शन के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए सीएम योगी ने कहा कि गलत जांच रिपोर्ट लगाने वालों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज की जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी जानबूझकर गलत रिपोर्ट तैयार करता है या पीड़ित की मदद में देरी करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए। कोई भी लापरवाही जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाती है, इसलिए ऐसी गलतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्देश यूपी प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बच्चों और गायों के प्रति दिखाया स्नेह
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने बच्चों और गायों के प्रति अपना विशेष स्नेह दिखाया। कई बच्चे अपने माता-पिता के साथ जनता दर्शन में पहुंचे थे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने गोद में उठाकर प्यार किया और मिठाई बांटी। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और उनकी पढ़ाई-लिखाई के बारे में पूछा। साथ ही, मंदिर परिसर में मौजूद गायों को खुद दाना-चारा खिलाया और उनकी देखभाल के निर्देश दिए। योगी जी का यह व्यवहार उनकी संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना को दर्शाता है। बच्चे और गौ-माता के प्रति उनका लगाव उत्तर प्रदेश में सद्भाव और संस्कृति के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
अधिकारियों को दिए गए प्रमुख निर्देश
सीएम योगी ने जनता दर्शन में मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए:
- सभी शिकायतों का समयबद्ध और निष्पक्ष निस्तारण सुनिश्चित करें।
- पीड़ितों की मदद में लापरवाही न बरतें।
- गलत जांच रिपोर्ट या फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों पर FIR दर्ज करें।
- जन शिकायतों की मॉनिटरिंग के लिए विशेष टीम गठित करें। इन निर्देशों से प्रशासनिक स्तर पर तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद है। योगी सरकार की यह पहल जनता के बीच लोकप्रियता बढ़ा रही है, क्योंकि लोग सीधे मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचा पाते हैं।
जनता दर्शन का महत्व और प्रभाव
गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन उत्तर प्रदेश की राजनीति और प्रशासन में एक अनोखी परंपरा बन चुका है। योगी आदित्यनाथ नियमित रूप से इस कार्यक्रम के जरिए जनता से जुड़े रहते हैं। आज के जनता दर्शन में 150 से अधिक लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें भूमि विवाद, पेंशन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मुद्दे शामिल थे। मुख्यमंत्री ने
अधिकांश मामलों में तत्काल राहत के आदेश दिए। यह कार्यक्रम न केवल समस्याओं का
समाधान करता है, बल्कि प्रशासनिक मशीनरी को जिम्मेदार भी बनाता है।
योगी मॉडल की जनकेंद्रित छवि
सीएम योगी आदित्यनाथ का जनता दर्शन कार्यक्रम उनकी जनसेवा और
सख्त प्रशासनिक नीति का प्रतीक है। गलत जांच रिपोर्ट पर FIR का निर्देश और
बच्चों-गायों के प्रति स्नेह ने एक बार फिर उनकी संवेदनशील छवि को मजबूत किया।
गोरखपुर में यह आयोजन सफल रहा और जनता में सकारात्मक संदेश पहुंचाया।