उत्तर प्रदेश मंत्री संजय निषाद
संजय निषाद का अखिलेश यादव पर हमला: सत्ता से बाहर नेता की बयानबाजी पर सवाल
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। मंत्री संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से बाहर रहकर केवल बयानबाजी करने वालों पर क्या कहा जा सकता है। यह बयान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया वक्तव्य के समर्थन में आया है, जिसमें धार्मिक और संवैधानिक मुद्दों पर जोर दिया गया था। संजय निषाद ने स्पष्ट किया कि देश संविधान से चलता है और योगी सरकार धर्म, महात्माओं और संतों को पूरा सम्मान देती है। यह विवाद यूपी की राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, जहां भाजपा और सपा के बीच जुबानी जंग तेज हो रही है।
सीएम योगी के बयान का संजय निषाद ने किया समर्थन
संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि सत्ता से बाहर रहकर केवल बयानबाजी करने वालों पर क्या कहा जा सकता है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान पर कहा, मुख्यमंत्री की बातों का मैं समर्थन करता हूं। देश संविधान से चलता है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत धार्मिक व्यवस्था, सुरक्षा दी गई है। वहीं,समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा, “जो नेता सत्ता से बाहर हैं, बयानबाजी और पोस्टरबाजी वाले नेता रह गए हैं उन पर क्या कहना है।
उन्होंने अपने समय में कितना सम्मान दिया? हमारी सरकार धर्म, महात्मा, संत को कितना सम्मान देती है यह सबको पता है।” संजय निषाद के इस बयान से साफ है कि भाजपा सरकार अपनी उपलब्धियों पर फोकस कर रही है, जबकि विपक्ष को बयानबाजी का आरोपी ठहरा रही है।
अखिलेश यादव की बयानबाजी पर सवाल
संजय निषाद का तंज अखिलेश यादव की हालिया टिप्पणियों पर था, जहां उन्होंने योगी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए थे। मंत्री ने कहा कि सत्ता से बाहर रहने वाले नेता अब सिर्फ बयानबाजी और पोस्टरबाजी तक सीमित हो गए हैं। उन्होंने अखिलेश यादव से सवाल किया कि उनकी सरकार के समय में धर्म और संतों को कितना सम्मान मिला। यह बयान यूपी की राजनीति में नई बहस छेड़ सकता है, क्योंकि सपा लगातार भाजपा पर हमलावर रही है। संजय निषाद ने जोर देकर कहा कि योगी सरकार संविधान की मर्यादा का पालन करते हुए धार्मिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।
यूपी राजनीति में बढ़ती जुबानी जंग
यह घटना यूपी की राजनीतिक परिदृश्य को दर्शाती है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप आम हैं। संजय निषाद, जो निषाद पार्टी के प्रमुख हैं, भाजपा गठबंधन का हिस्सा हैं और योगी सरकार में मंत्री हैं। उनका बयान गठबंधन की एकजुटता को दिखाता है। वहीं,
अखिलेश यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और लगातार योगी सरकार पर निशाना साधते रहे हैं।
इस तंज से सपा को जवाब देने का मौका मिल सकता है,
जो चुनावी वर्ष में राजनीतिक तापमान बढ़ा सकता है।
संविधान और धार्मिक सुरक्षा पर जोर
संजय निषाद ने अपने बयान में संविधान की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि
देश संविधान से चलता है और संवैधानिक प्रक्रिया के तहत धार्मिक
व्यवस्था और सुरक्षा दी गई है। यह बयान योगी सरकार की नीतियों को रेखांकित करता है,
जहां धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और संतों का सम्मान प्राथमिकता है।
मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनकी सरकार के समय में ऐसे मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया।
राजनीतिक बहस जारी रहेगी
संजय निषाद का यह तंज यूपी राजनीति में नई बहस का कारण बन सकता है। जहां भाजपा अपनी सरकार की
उपलब्धियों पर फोकस कर रही है, वहीं सपा जैसे विपक्षी दल बयानबाजी से जवाब दे सकते हैं