नेशनल पेंशन सिस्टम
नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) को लेकर विशेषज्ञों ने कहा है कि यह महज एक निवेश विकल्प नहीं, बल्कि भरोसेमंद आर्थिक सुरक्षा का साधन है। पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के चीफ जनरल मैनेजर आशीष कुमार ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला बोनस और पीएफआरडीए की ओर से आयोजित विशेष वित्तीय जागरूकता कार्यक्रम “बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की” को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में NPS को आत्मनिर्भर वृद्धावस्था का आंदोलन करार दिया गया।
NPS क्या है और क्यों जरूरी?
नेशनल पेंशन सिस्टम एक सरकारी समर्थित पेंशन योजना है, जो लोगों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करती है। आशीष कुमार ने बताया कि NPS में महज 500 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है। छोटे-छोटे नियमित निवेश के जरिए व्यक्ति अपने बुढ़ापे को आर्थिक रूप से सुरक्षित बना सकता है। यह योजना बाजार से जुड़ी होने के कारण लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देती है और टैक्स बचत के कई फायदे भी प्रदान करती है।
विशेषज्ञों ने NPS के प्रमुख फायदे गिनाए:
- कम निवेश से शुरुआत: 500 रुपये मासिक से शुरू कर सकते हैं, कोई ऊपरी सीमा नहीं।
- टैक्स लाभ: धारा 80C के तहत 1.5 लाख तक और धारा 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त 50 हजार तक की छूट।
- बाजार से जुड़ा रिटर्न: इक्विटी, डेट और गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में निवेश विकल्प, लंबी अवधि में अच्छा कंपाउंडिंग प्रभाव।
- पारदर्शिता और लचीलापन: NPS में निवेश का पूरा नियंत्रण ग्राहक के पास, फंड मैनेजर बदलने और एसेट एलोकेशन बदलने की सुविधा।
- रिटायरमेंट के बाद पेंशन: 60 वर्ष की उम्र पर 60% राशि एकमुश्त निकाल सकते हैं, 40% से एन्युटी खरीदकर आजीवन पेंशन मिलती है।
“बीज एनपीएस का, फसल पेंशन की” कार्यक्रम की मुख्य बातें
कार्यक्रम में पीएफआरडीए के अधिकारियों ने NPS को एक आंदोलन बताया
, जो लोगों को रिटायरमेंट प्लानिंग के प्रति जागरूक करता है। आशीष कुमार ने कहा कि
आज के युवा अगर छोटी रकम से भी निवेश शुरू करेंगे,
तो वृद्धावस्था में मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने जोर दिया कि
NPS केवल अमीरों के लिए नहीं, बल्कि हर वर्ग के लिए है। कार्यक्रम में NPS Tier-1 और Tier-2 अकाउंट,
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, eNPS पोर्टल और मोबाइल ऐप के जरिए निवेश की प्रक्रिया बताई गई।
NPS के फायदे और विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों ने कहा कि NPS बाजार जोखिम के साथ आता है, लेकिन लंबी अवधि (15-20 साल) में इक्विटी ऑप्शन से 10-12%
औसत रिटर्न संभव है। उन्होंने सलाह दी कि युवा ज्यादा इक्विटी में निवेश करें, जबकि 50+ उम्र वाले डेट फंड की ओर शिफ्ट करें।
NPS में कोई फिक्स्ड रिटर्न नहीं है, लेकिन सरकारी नियमन के कारण यह सुरक्षित माना जाता है।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि NPS में महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन हैं।
पीएफआरडीए का लक्ष्य 2026 तक NPS सब्सक्राइबर्स की संख्या को और बढ़ाना है।
NPS से आत्मनिर्भर वृद्धावस्था
आशीष कुमार ने कहा कि NPS सिर्फ पैसे का निवेश नहीं, बल्कि भविष्य की चिंता से मुक्ति का रास्ता है।
छोटे निवेश से शुरू करके हर व्यक्ति अपनी रिटायरमेंट को सुरक्षित बना सकता है।
कार्यक्रम ने लोगों को NPS अकाउंट खोलने और नियमित SIP शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
यदि आप भी रिटायरमेंट प्लानिंग करना चाहते हैं, तो NPS एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।
अधिक जानकारी के लिए पीएफआरडीए की आधिकारिक वेबसाइट या eNPS पोर्टल पर जाएं।
फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज वित्तीय जागरूकता से जुड़े अपडेट्स देता रहेगा।
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