प्रयागराज जिले में भूमाफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। मंगलवार को एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी ने 18 आरोपियों पर गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनएसए जैसी सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। इनमें 12 आरोपियों को आधिकारिक रूप से भूमाफिया घोषित किया गया, जबकि 6 अन्य को भूमाफिया श्रेणी में चिह्नित किया गया। यह कार्रवाई सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जे के मामलों पर आधारित है।
भूमाफिया घोषणा का आधार
इन 12 आरोपियों के खिलाफ पहले से कई FIR दर्ज हैं। राजस्व ग्राम रसूलपुर गरियाडीह उपरहार, रसूलपुर काशीपुर उपरहार, पोंगहट तालुक बमरौली परगरा और गयासुद्दीन उपरहार में सरकारी जमीनों पर कब्जा करने व अंश से अधिक विक्रय के आरोप साबित हुए। तहसील स्तरीय एंटी टास्क फोर्स ने डीएम को संस्तुति भेजी, जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। खास बात यह है कि आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) की जमीन पर भी कब्जे का मामला शामिल है, जो मामले को और गंभीर बनाता है। डीएम ने उप जिलाधिकारियों और सहायक पुलिस आयुक्तों को तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए।
प्रयागराज जैसे महत्वपूर्ण शहर में सरकारी जमीनों का दुरुपयोग लंबे समय से समस्या रहा है। इन भूमाफियाओं ने न केवल सरकारी संपत्ति पर कब्जा किया, बल्कि उन्हें अवैध रूप से बेच भी दिया। इससे राजस्व को भारी नुकसान हुआ और विकास योजनाएं प्रभावित हुईं। डीएम ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की पूरी सूची तैयार करें और प्रमाणपत्र दें कि उनकी जमीनें मुक्त हैं।
चिह्नित भूमाफियाओं की सूची
भूमाफिया घोषित 12 आरोपियों में शामिल हैं: वकार अहमद (रसूलपुर काशीपुर), अरविंद कुमार (प्रीतम नगर), जसीम अहमद (अल्का विहार कॉलोनी बमरौली), प्रमोद कुमार (चायल पिपरी कौशाम्बी), जैद खालिद (अल्का विहार बमरौली), राहिल सिद्दीकी (पूरामफ्ती कघर बड़ी मस्जिद), महमूद अख्तर (चफरी अटरामपुर), अबू जैद (अल्का विहार पोंगहट), दिलशाद (मरियाडीह), धीरेंद्र प्रताप सिंह, विकास सिंह (भोजपुर बिहार) और अमित कुमार शुक्ला (सोहबतियाबाग)।
इसके अलावा 6 अन्य को भूमाफिया श्रेणी में चिह्नित किया गया: मो. मुस्लिम, फहीम, जीशान उर्फ जानू,
इमरान, जय प्रकाश दुबे और खालिद जफर। इन सभी के खिलाफ गहन जांच चल रही है।
प्रशासनिक निर्देश और भविष्य की योजना
डीएम ने सभी एसडीएम को 15 दिनों में तहसील टास्क फोर्स की बैठक आयोजित कर भूमाफियाओं की
पहचान और अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बार-बार शिकायत वाले मामलों में कोई छूट नहीं मिलेगी।
शासनादेश के अनुसार चिह्नित भूमाफियाओं पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
यह अभियान प्रयागराज को माफिया मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
पिछले वर्षों में प्रयागराज में भूमाफिया गतिविधियां बढ़ीं, लेकिन अब प्रशासन सक्रिय हो गया है।
महाकुंभ जैसे आयोजनों के बाद भी ऐसी कार्रवाइयां तेज हुईं। इससे न केवल सरकारी संपत्ति सुरक्षित होगी,
बल्कि आम जनता को जमीन संबंधी विवादों से राहत मिलेगी।
प्रयागराज के निवासियों के लिए यह खबर राहत भरी है। भूमाफिया सरकारी योजनाओं को बाधित करते रहे,
लेकिन अब गुंडा व गैंगस्टर एक्ट की मार झेलेंगे। स्थानीय लोग प्रशासन के इस कदम की सराहना कर रहे हैं।
आगे आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां व कुर्की संभव हैं।