उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नया दौर शुरू हो गया है। यूपी फिश फार्मर ऐप के माध्यम से अब राज्य के मत्स्य पालकों को बीमा कवरेज मिलेगा, जो मछली पालन उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा मत्स्य पालन करने वाले किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, बीमारियों और अन्य जोखिमों से बचाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने मत्स्य विभाग के सहयोग से यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया, जो मोबाइल ऐप के जरिए तुरंत मत्स्य पालक बीमा प्रदान करेगा। इससे लाखों छोटे-बड़े फिश फार्मर लाभान्वित होंगे।
उत्तर प्रदेश: देश का सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक राज्य
*उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा मत्स्य उत्पादक राज्य है, जहां गोरखपुर, आजमगढ़, बहराइच जैसे पूर्वांचल जिलों में हजारों तालाबों पर निर्भर मत्स्य पालक रहते हैं। बाढ़ या सूखे जैसी घटनाओं में उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। अब यूपी फिश फार्मर ऐप से मत्स्य पालक बीमा पॉलिसी एक क्लिक पर जारी हो जाएगी, जिसमें 5 लाख तक का कवरेज उपलब्ध है। यह योजना पीएम मत्स्य संपदा योजना से जुड़ी हुई है और राज्य सरकार 50% प्रीमियम सब्सिडी देगी।
यूपी फिश फार्मर ऐप की खासियतें और बीमा प्रक्रिया
यूपी फिश फार्मर ऐप को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड करें और आधार कार्ड से रजिस्ट्रेशन करें। ऐप में मत्स्य पालक बीमा सेक्शन में जाकर फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज जैसे तालाब का पट्टा, आधार, बैंक खाता और फोटो अपलोड करें। आवेदन 24 घंटे में स्वीकृत हो जाएगा। बीमा कवरेज में शामिल हैं:
- प्राकृतिक आपदा: बाढ़, सूखा, तूफान से 80% नुकसान पर क्लेम।
- रोग और चोरी: मछली बीमारी या चोरी पर 5 लाख तक मुआवजा।
- क्लेम प्रक्रिया: ऐप से ही फोटो-वीडियो सबूत अपलोड करें, 7 दिनों में पेमेंट।
यह ऐप न केवल मत्स्य पालक बीमा बल्कि स्टॉक मॉनिटरिंग, बाजार मूल्य और तकनीकी सलाह भी देता है।
गोरखपुर डिवीजन में पहले 10,000 मत्स्य पालकों को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
मत्स्य विभाग के डीजी ने बताया कि 2026 तक 5 लाख फार्मर्स को कवर किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश मत्स्य पालक बीमा के लाभ और प्रभाव
मत्स्य पालक बीमा से किसानों की आय दोगुनी होगी, क्योंकि जोखिम कम होने से वे बड़े तालाबों पर नि
वेश करेंगे। पूर्वांचल के जिलों जैसे गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर में रामगढ़ तालाब, चितौड़ा झील जैसे क्षेत्रों में
यह क्रांति लाएगा। सरकार का लक्ष्य आत्मनिर्भर भारत के तहत मत्स्य पालन को 20% बढ़ाना है।
यह योजना महिला मत्स्य पालकों के लिए विशेष छूट देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यूपी फिश फार्मर ऐप डिजिटल
इंडिया का सशक्त उदाहरण है। छोटे मत्स्य पालक अब बिना चिंता के बड़े स्तर पर मछली पालन कर सकेंगे,
जिससे ग्रामीण रोजगार और आय में वृद्धि होगी। योजना से
पर्यावरण संरक्षण और सतत मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा।
मत्स्य पालन क्षेत्र में यह डिजिटल क्रांति उत्तर प्रदेश को देश का मत्स्य हब बनाने की दिशा में मजबूत कदम है।
फिश फार्मर अब ऐप के जरिए आसानी से बीमा, मार्केट जानकारी और सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे।