मथुरा के खप्परपुर गांव में
दिल दहला देने वाली घटना
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में महावन तहसील के खप्परपुर गांव ने एक ऐसी घटना देखी है जिसने पूरे समाज को झकझोर दिया। 35 वर्षीय किसान मनीष कुमार ने अपनी पत्नी सीमा (लगभग 32 वर्ष) और तीन मासूम बच्चों – बेटी हनी (5), प्रियांशी (4) और बेटा पंकज (2) – की हत्या कर खुद को करंट लगाकर आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह घर के एक कमरे में पांचों शव मिले, जिससे गांव में कोहराम मच गया।
मौत का तरीका और पोस्टमार्टम रिपोर्ट
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, मनीष ने पहले बच्चों का गला दबाकर हत्या की, फिर पत्नी पर भारी वस्तु से वार कर उसे मार डाला। उसके बाद खुद करंट लगाकर जान दे दी। पत्नी को फांसी जैसी स्थिति में पाया गया, जबकि बच्चे गला दबाने से मरे। कुछ शुरुआती रिपोर्टों में दूध में जहर मिलाने का जिक्र था, लेकिन पोस्टमार्टम ने हत्या और सुसाइड की पुष्टि की। पुलिस ने कमरे को लॉक पाया, दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाले गए।
सुसाइड नोट और वीडियो: आखिरी संदेश
घटना स्थल पर तीन जगह सुसाइड नोट मिले – एक रसोई की दीवार पर, एक डायरी में और एक कागज पर। सभी में लिखा था: “हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं, पुलिस किसी को परेशान न करे।” मनीष के मोबाइल में एक वीडियो मिला, जिसमें वह शांत भाव से कहता है: “मैं मनीष कुमार, अपनी मर्जी से मरे हैं हम। इसमें किसी का दोष नहीं है। हम बहुत परेशान थे अपने दुखों से। इसलिए कोई किसी को परेशान न करें।” वीडियो में प्लॉट लेन-देन का भी जिक्र है।
आर्थिक स्थिति मजबूत, फिर क्या था दुख?
परिवार के पास छह बीघा जमीन और बैंक में सात लाख रुपये थे। किसान होने के बावजूद मनीष की आर्थिक स्थिति ठीक बताई जा रही है। फिर भी इतना बड़ा कदम क्यों? जांच में तांत्रिक एंगल भी सामने आया – तीन साल पहले नशे की लत छुड़वाने के लिए मनीष एक तांत्रिक का चेला बना था। पुलिस सभी एंगल जांच रही है, जिसमें आर्थिक तंगी, मानसिक परेशानी, पारिवारिक क्लेश या अन्य कारण शामिल हैं।
गांव में शोक और सवाल
घटना के बाद पूरा खप्परपुर गांव शोक में डूबा है। मनीष के भाई और रिश्तेदार सदमे में हैं। बच्चे हंसते-खेलते थे, परिवार साधारण जीवन जीता था। सबकी जुबान पर एक ही सवाल – आखिर ऐसा क्या दुख था जो एक झटके में पूरे वंश को मिटा गया? CM ने हर पहलू की जांच के निर्देश दिए हैं। अंतिम संस्कार ब्रह्मांड घाट पर हुआ, जहां दंपती की एक चिता सजी और बच्चों को पास में दफनाया गया।
समाज के लिए सबक
यह घटना मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक दबाव और अंधविश्वास के खतरों को उजागर करती है।
ऐसे मामलों में समय पर मदद और काउंसलिंग जरूरी है। पुलिस जांच जारी है,
रिपोर्ट आने पर सच्चाई सामने आएगी। मनीष जैसे परिवार के इस दर्द को
देखकर पूरा समाज सोच में पड़ गया है। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को
शांति दे और परिवार को सहन शक्ति प्रदान करे।
चार हत्या और सुसाइड: खाते में सात लाख, छह बीघा जमीन,
फिर क्या था दुख; मनीष ने वीडियो और नोट में लिखे
ये शब्द मथुरा के महावन तहसील के गांव खप्परपुर में दिल दहलाने वाली घटना हुई।
किसान ने अपने तीन मासूम बच्चों और पत्नी की हत्या करने के बाद खुद को करंट लगाकर खुदकुशी कर ली।
दीवार पर सुसाइड नोट लिखा मिला है, हम अपनी मर्जी से जान दे रहे हैं,
किसी को परेशान नहीं किया जाए। ऐसा क्या दुख था, जिसके चलते एक सीधे-साधे किसान ने अपने पूरे
परिवार का खात्मा करके खुद भी जान दे दी। जिन बच्चों को उसने गोद में खिलाकर बड़ा किया,
उनका गला दबाने में भी उसके हाथ नहीं कांपे। सबकी जुबां पर एक ही सवाल है कि
आखिर ऐसा क्या दुख था तो जो एक झटके में हंसते खेलते परिवार को खत्म कर दिया।
अपना ही वंश मिटा दिया। यह राज सभी को परेशान किए है। पुलिस को मनीष के
मोबाइल से वीडियो में मनीष ने बड़े शांत भाव से कहा है कि हम अपनी मर्जी से मरे हैं।
हम बहुत परेशान थे अपने दुखों से। इसमें उन्होंने कहा है कि ‘मैं मनीष कुमार,
अपनी मर्जी से मरे हैं हम, इसमें किसी का दोष नहीं है। इसलिए कोई किसी को परेशान न करें।
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