योगी आदित्यनाथ ने 9.12 लाख करोड़
योगी सरकार का ऐतिहासिक बजट पेश
11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश विधानसभा में योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सदन में 9.12 लाख करोड़ रुपये का यह रिकॉर्ड बजट रखा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे “9 वर्ष के नवनिर्माण की गाथा” बताया और कहा कि “रूल ऑफ लॉ ही रियल ग्रोथ की गारंटी है।” यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है और 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पेश किया गया है। बजट में निवेश, रोजगार सृजन, बुनियादी विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष फोकस किया गया है। राज्य का GSDP 13.4% बढ़कर 30.25 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है।
योगी आदित्यनाथ का बजट पर बयान
बजट पेश होने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा, “यह बजट केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के नवनिर्माण की जीवंत गाथा है। हमने कानून का राज स्थापित किया, जिसके कारण निवेश आया, रोजगार बढ़ा और विकास की रफ्तार तेज हुई। रूल ऑफ लॉ के बिना कोई भी विकास संभव नहीं। यह बजट आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेगा।” सीएम ने पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे पिछड़े क्षेत्रों में तेज विकास का वादा दोहराया।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुख्य ऐलान
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
- रोजगार सृजन: अगले वित्त वर्ष में 10 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य। स्किल डेवलपमेंट, मेगा जॉब फेयर और इंडस्ट्री लिंकेज पर जोर।
- महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री समूहिक विवाह योजना के तहत लड़कियों की शादी में 1 लाख रुपये की सहायता को और मजबूत किया जाएगा।
- शिक्षा और खेल: विभिन्न जिलों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज और एकेडमी खोलने की घोषणा। शिक्षा पर आवंटन में वृद्धि।
- पेंशन और कल्याण: वृद्धावस्था, विकलांग और विधवा पेंशन में संभावित बढ़ोतरी। स्वयं सहायता समूहों को अतिरिक्त फंड।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: बजट का लगभग 25% हिस्सा एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रेल, मेट्रो और ग्रामीण सड़कों पर।
- क्षेत्रीय विकास: पूर्वांचल और बुंदेलखंड विकास निधि में भारी बढ़ोतरी। 1900 करोड़ से अधिक आवंटन की संभावना।
बजट का फोकस: युवा, महिला और पिछड़े क्षेत्र
बजट में युवाओं को साधने के लिए रोजगार और स्किल डेवलपमेंट पर जोर दिया गया है। महिलाओं के लिए आर्थिक सशक्तिकरण और शादी सहायता को प्राथमिकता दी गई है। किसानों के लिए सिंचाई, फसल बीमा और ODOP योजना को मजबूत किया गया है।
पूर्वांचल और बुंदेलखंड के 37 पिछड़े जिलों में इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष पैकेज संभावित है।
पर्यटन स्थलों जैसे अयोध्या और वाराणसी के विकास पर भी फोकस है।
विकास का रोडमैप या चुनावी बजट?
यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन है। 9.12 लाख करोड़ का
यह बजट राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देगा। विपक्ष इसे चुनावी बजट कह सकता है
, लेकिन सरकार का दावा है कि यह सबका विकास सुनिश्चित करेगा।
रूल ऑफ लॉ और नवनिर्माण की गाथा को आगे बढ़ाते हुए
उत्तर प्रदेश $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
बजट की घोषणाएं युवा, महिला और ग्रामीण वोटरों को मजबूती से साधने की कोशिश दिखाती हैं।
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