रिकॉर्ड बजट आज पेश
चुनावी साल में यूपी का सबसे बड़ा बजट
11 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट 9 से 9.5 लाख करोड़ रुपये के बीच का अनुमानित आकार रखता है, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा बजट है। 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पेश यह बजट योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी पूर्ण बजट है। इसमें निवेश, रोजगार सृजन, बुनियादी विकास और कल्याणकारी योजनाओं पर भारी फोकस है। बजट का लगभग एक चौथाई हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च होगा। चुनावी साल में ‘तोहफों की बारिश’ की उम्मीद पूरी तरह साकार हो रही है।
बजट का आकार और मुख्य फोकस क्षेत्र
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में कहा कि योगी सरकार ने कानून-व्यवस्था, निवेश और विकास में अभूतपूर्व प्रगति की है। राज्य का GSDP 13% से अधिक बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। बजट में पूंजीगत व्यय पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। मुख्य फोकस क्षेत्र:
- इंफ्रास्ट्रक्चर: बजट का 25% हिस्सा एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, रेल, मेट्रो, स्मार्ट सिटी और ग्रामीण सड़कों पर।
- रोजगार सृजन: 10 लाख नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य। स्किल डेवलपमेंट, मेगा जॉब फेयर और इंडस्ट्री लिंकेज पर विशेष प्रावधान।
- क्षेत्रीय विकास: पूर्वांचल और बुंदेलखंड के पिछड़े जिलों के लिए विकास निधि में भारी बढ़ोतरी। 1900 करोड़ से अधिक आवंटन की संभावना।
- कल्याणकारी योजनाएं: महिला, किसान, युवा और वृद्धजनों के लिए बड़े ऐलान।
चुनावी तोहफे: पेंशन बढ़ोतरी और स्पोर्ट्स कॉलेज
बजट में चुनावी साल की झलक साफ दिख रही है। वृद्धावस्था पेंशन, विकलांग पेंशन और विधवा पेंशन में संभावित बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है। कई स्रोतों के अनुसार, पेंशन राशि 500-1000 रुपये तक बढ़ाई जा सकती है। लड़कियों की शादी में 1 लाख रुपये की सहायता (मुख्यमंत्री समूहिक विवाह योजना विस्तार) को और मजबूत किया जाएगा।
युवाओं को साधने के लिए स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने की बड़ी घोषणा संभावित है। विभिन्न जिलों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज और एकेडमी खुलेंगी, जिसमें ट्रेनिंग, कोचिंग और स्कॉलरशिप शामिल होंगी। यह कदम खेल प्रेमियों और युवा वोटरों को आकर्षित करने की रणनीति है।
महिला, किसान और युवा पर विशेष ध्यान
- महिला सशक्तिकरण: स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा, महिला उद्यमिता और शिक्षा पर अतिरिक्त फंड।
- किसान कल्याण: सिंचाई, फसल बीमा, ODOP योजना और बाजार सुविधाओं पर जोर।
- युवा रोजगार: 10 लाख नौकरियां, स्किल सेंटर और जॉब फेयर। ये ऐलान चुनावी साल में युवा,
- महिला और ग्रामीण वोटरों को मजबूती से साधने की कोशिश दिखाते हैं।
अन्य प्रमुख हाइलाइट्स
- शिक्षा और स्वास्थ्य पर बढ़ा आवंटन।
- अयोध्या, वाराणसी जैसे धार्मिक पर्यटन स्थलों का विकास।
- MSME और बड़े उद्योगों को प्रोत्साहन। वित्त मंत्री ने कहा कि बजट आत्मनिर्भर
- उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगा।
विकास का रोडमैप या चुनावी दांव?
यह बजट योगी सरकार की उपलब्धियों का प्रदर्शन है। क्षेत्रीय असंतुलन दूर करने, रोजगार
सृजन और कल्याणकारी योजनाओं पर जोर से यह वोटरों को साधने की मजबूत कोशिश है।
विपक्ष इसे चुनावी बजट कह सकता है, लेकिन सरकार का दावा है कि
यह सबका विकास सुनिश्चित करेगा। यूपी अब तेजी से $1 ट्रिलियन इकोनॉमी की ओर बढ़ रहा है।