गोरखपुर न्यूज: फाल्ट ठीक करने बिजली पोल पर चढ़ा संविदाकर्मी, करंट के झटके से गिरा नीचे- मौत

गोरखपुर। बिजली विभाग के संविदा कर्मी की जान लेने वाला एक दर्दनाक हादसा तिवारीपुर क्षेत्र में सोमवार दोपहर हुआ। 11 केवी हाईटेंशन लाइन पर फाल्ट ठीक करने के दौरान संविदा कर्मी राजू को करंट लग गया। करंट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पोल से नीचे गिर पड़ा। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

हादसे का पूरा विवरण

जानकारी के अनुसार संविदा कर्मी राजू तिवारीपुर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के पोल पर फाल्ट ठीक करने के लिए चढ़ा था। इसी दौरान अचानक उसे करंट लग गया। करंट लगते ही उसका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने से वह नीचे गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। साथियों ने आनन-फानन में उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे बचा नहीं सके।

तिवारीपुर उपकेंद्र क्षेत्र में सोमवार दोपहर 11 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से एक संविदा बिजली कर्मी की मौत हो गई। करंट लगने के बाद पोल से नीचे गिरने पर उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

संविदा कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर बिजली विभाग में संविदा कर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। संविदा कर्मी बिना उचित सुरक्षा उपकरणों के हाईटेंशन लाइन पर काम करने को मजबूर होते हैं। आइआरईबी (इंसुलेटेड रबर ग्लव्स, बूट्स, हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट) की कमी और ट्रेनिंग न मिलने की शिकायतें आम हैं। गोरखपुर में पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई हादसे हो चुके हैं, लेकिन विभाग स्तर पर कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है।

परिवार का कहना है कि राजू परिवार का एकमात्र कमाने वाला था। उसकी मौत से पूरा परिवार असहाय हो गया है। परिजनों ने बिजली विभाग से उचित मुआवजा और नौकरी की मांग की है।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई

रामगढ़ताल पुलिस ने हादसे का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में

सुरक्षा मानकों की अनदेखी का संकेत मिला है। बिजली विभाग के

अधिकारियों से पूछताछ की जा रही है। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने मामले को

गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। विभाग ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है।

बिजली कर्मियों की सुरक्षा के लिए मांग

स्थानीय संगठनों और कर्मचारी यूनियनों ने बिजली विभाग से मांग की है कि संविदा कर्मियों को उचित

सुरक्षा उपकरण, ट्रेनिंग और बीमा दिया जाए। हाईटेंशन लाइन पर काम करने से पहले लाइन को

पूरी तरह डी-एनर्जाइज करने का प्रोटोकॉल सख्ती से लागू किया जाए।

राजू की मौत एक बार फिर याद दिलाती है कि सरकारी विभागों में संविदा कर्मियों की

सुरक्षा कितनी लापरवाह है। गोरखपुर जैसे शहर में जहां बिजली आपूर्ति की

समस्या आम है, कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर काम करवाना अमानवीय है।

परिवार को न्याय और मुआवजा मिलना चाहिए। बिजली विभाग को संविदा कर्मियों की

सुरक्षा पर तत्काल ध्यान देना होगा, ताकि ऐसे हादसे दोबारा न हों।