सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू हो चुका है। सत्र से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट संदेश दिया कि विधानमंडल संवाद से चलती है, कार्यवाही बाधित करने से नहीं। उन्होंने कहा कि किसी भी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है, तो हंगामा करने के बजाय सदन में संवाद करें। योगी ने जोर देकर कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। यह बयान विपक्ष के संभावित हंगामे के बीच महत्वपूर्ण है।
सत्र की अवधि और प्रमुख एजेंडा
बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को सदन में बजट प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा पहली बार उत्तर प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण भी विधानमंडल में रखा जाएगा। यह सर्वेक्षण प्रदेश की आर्थिक प्रगति, विकास दर, निवेश, रोजगार सृजन और विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति को दर्शाएगा। योगी सरकार ने इसे पारदर्शिता और जवाबदेही का प्रतीक बताया है।
सीएम योगी का मीडिया से संवाद
सत्र शुरू होने से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतंत्र में विधानमंडल संवाद का मंच है। उन्होंने कहा, “अगर किसी सदस्य को कोई मुद्दा उठाना है तो वह सदन में उठाए, कार्यवाही बाधित न करें।” योगी ने बताया कि सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं अभिभाषण में स्पष्ट होंगी।
विपक्ष की तैयारी और संभावित हंगामा
सपा और अन्य विपक्षी दलों ने सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर), कानून व्यवस्था, महंगाई, बेरोजगारी और अमेरिका से हुए व्यापार समझौते जैसे मुद्दों पर विपक्ष हमला बोलेगा। सत्र की शुरुआत में ही हंगामा होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि सर्वदलीय बैठक में सदन सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी थी।
बजट सत्र के प्रमुख मुद्दे और अपेक्षाएं
इस बजट में योगी सरकार महिलाओं, किसानों, युवाओं, ग्रामीण विकास, औद्योगिकरण औ
र इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े ऐलान कर सकती है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड और
पश्चिमी यूपी के विकास पर विशेष फोकस रहने की उम्मीद है। विपक्ष इन घोषणाओं पर
सवाल उठाएगा और सरकार की विफलताओं को उजागर करने की कोशिश करेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ का संदेश स्पष्ट है- संवाद से समस्याओं का समाधान संभव है, हंगामा नहीं।
बजट सत्र उत्तर प्रदेश की आर्थिक दशा और दिशा तय करने वाला होगा।
पहली बार आर्थिक सर्वेक्षण का प्रस्तुत होना पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम है।
सत्र के दौरान होने वाली बहस और घोषणाएं प्रदेश की राजनीति को नया मोड़ दे सकती हैं।
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