गोरखपुर से परशुराम यादव की रिपोर्ट
गोरखपुर ब्लॉक बेलघाट अंतर्गत नियर ग्राम पंचायत कुंवरपार राजकीय हाई स्कूल बारी गांव में बड़े ही धूमधाम से वार्षिक उत्सव मनाया गया। इस आयोजन में विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य, नाटिका समेत अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं और सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक और भावपूर्ण रही
कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों ने मां सरस्वती की वंदना से की। छोटे-छोटे बच्चे मंच पर आकर सरस्वती वंदना गाते हुए सबका मन मोह ले गए। इसके तुरंत बाद स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जिसमें पूरी कक्षा के बच्चे एक साथ अपनी मधुर आवाजों से मैदान को गुंजायमान कर दिया। इन शुरुआती प्रस्तुतियों ने ही पूरे माहौल को उत्साहपूर्ण और पवित्र बना दिया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समा
इसके बाद मुख्य आकर्षण रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम। विद्यार्थियों ने गीत, नृत्य और नाटिका के माध्यम से अपनी बहुमुखी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। एक नाटिका में बाल विवाह, पर्यावरण संरक्षण, लड़कियों की शिक्षा और सामाजिक समानता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया। बच्चों ने इन विषयों को इतने प्रभावी और भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया कि दर्शकगण गहरे तक प्रभावित हुए। नृत्य प्रस्तुतियों में स्थानीय लोक नृत्य और गीतों की झलक साफ दिखाई दी, जिसने कार्यक्रम को और भी जीवंत और यादगार बना दिया।
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान: भावुक पल
समारोह का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल तब आया जब विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। ग्राम प्रधान जय नारायण मौर्य कुंवरपार ने खुद मंच पर आकर बच्चों को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र, ट्रॉफी और मेडल प्रदान किए। यह दृश्य देखकर अभिभावकों की आंखें नम हो गईं। प्रधान जी ने कहा कि ऐसे सम्मान से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे और बेहतर करने के लिए प्रेरित होते हैं।
अतिथियों और अभिभावकों की सराहना
कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथियों, अध्यापकों, माता-पिता और ग्रामीणों ने बच्चों की हर प्रस्तुति की जमकर सराहना की। पूरा मैदान तालियों और उत्साह से गूंज उठा। अभिभावकों ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी का मौका देते हैं।
ग्राम प्रधान की महत्वपूर्ण अपील
ग्राम प्रधान जय नारायण मौर्य ने अपने संबोधन में अभिभावकों से खास अपील की कि
वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। उन्होंने कहा, “गांव में स्थित होने के बावजूद
राजकीय हाई स्कूल बारी गांव एक उत्कृष्ट और गौरवपूर्ण शिक्षण संस्थान है।
यहां के शिक्षक और बच्चे दोनों ही मेहनती हैं।
यदि अभिभावक सहयोग करें तो हमारा गांव और बेहतर शिक्षा के स्तर तक पहुंच सकता है।”
ग्रामीण शिक्षा की नई उम्मीद
यह वार्षिक उत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की ताकत और बच्चों की छिपी प्रतिभा को उजागर करने वाला रहा।
स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और ग्रामवासियों के सहयोग से ऐसा आयोजन संभव हुआ।
उम्मीद है कि ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से होते रहेंगे और
गांव के बच्चे नई ऊंचाइयों को छूते रहेंगे।