काशी का नया चेहरा: होमस्टे से पर्यटन क्रांति
वाराणसी, जिसे काशी या बनारस के नाम से जाना जाता है, अब सिर्फ आध्यात्मिक नगरी नहीं बल्कि पर्यटन का हब बन रही है। गंगा घाटों की पवित्रता से लेकर सारनाथ के बौद्ध स्थलों तक, यहां होमस्टे की बाढ़ आ गई है। उत्तर प्रदेश सरकार की होमस्टे पॉलिसी के तहत पिछले तीन महीनों में 600 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। यह बदलाव न सिर्फ पर्यटकों को घर जैसा अनुभव दे रहा है, बल्कि आम काशीवासी को भी लाखों रुपये की कमाई का मौका प्रदान कर रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की इस पहल ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति दी है।
गंगा घाट से सारनाथ: होमस्टे का बढ़ता नेटवर्क
काशी के 84 घाटों में से दशाश्वमेध, अस्सी और मणिकर्णिका जैसे प्रमुख घाटों पर होमस्टे विकसित हो रहे हैं। वहीं, सारनाथ में बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए विशेष होमस्टे सेटअप हो रहे हैं। पर्यटन विभाग के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक 600 आवेदन आए हैं, जिनमें से 200 को मंजूरी मिल चुकी है। ये होमस्टे पारंपरिक बनारसी घरों को रिनोवेट करके बनाए जा रहे हैं, जहां पर्यटक योग, ध्यान, बनारसी थाली और गंगा आरती का घरेलू अनुभव ले सकते हैं। एक औसत होमस्टे मालिक अब महीने के 2-3 लाख रुपये तक कमा रहा है, खासकर विदेशी पर्यटकों से।
योगी सरकार की होमस्टे स्कीम: कैसे मिल रही सब्सिडी?
उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति 2023 के तहत होमस्टे को 50% तक सब्सिडी दी जा रही है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है – पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के बाद साइट इंस्पेक्शन होता है। न्यूनतम 2 कमरे, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों को पूरा करने पर लाइसेंस मिलता है। काशी में अब तक 150 होमस्टे चालू हो चुके हैं, जो 5000 पर्यटकों को रोजाना ठहरा रहे हैं। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ा, बल्कि महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिले। उदाहरणस्वरूप, दशाश्वमेध घाट की रहने वाली राधा देवी ने अपना पुराना घर होमस्टे में बदला और पहली ही महीने में 1.5 लाख कमाए।
आम आदमी की कमाई: लाखों का टर्नओवर कैसे?
काशी होमस्टे से औसत कमाई 1-5 लाख रुपये मासिक है। विदेशी पर्यटक (अमेरिका, यूरोप से) प्रति रात 2000-5000 रुपये देते हैं, जबकि भारतीय 1000-2000। एक्स्ट्रा सर्विस जैसे गाइडेड टूर, कुंजलापुर मंदिर विजिट या बनारसी पान ट्रेनिंग से 20-30% अतिरिक्त आय। Google रिव्यूज और Airbnb लिस्टिंग से बुकिंग बढ़ी है। एक सर्वे के मुताबिक, 70% होमस्टे मालिकों ने अपनी आय दोगुनी कर ली। इससे काशी की लोकल इकोनॉमी में 50 करोड़ का इंजेक्शन लगा है।
चुनौतियां और भविष्य: सस्टेनेबल पर्यटन की राह
होमस्टे बूम के बावजूद स्वच्छता, ट्रैफिक और ओवरक्राउडिंग चुनौतियां हैं।
सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत घाटों पर पार्किंग और वेस्ट मैनेजमेंट सुधारा है।
आने वाले समय में काशी 10,000 होमस्टे का लक्ष्य रखेगी, जो 2027 तक
1 लाख पर्यटकों को आकर्षित करेगी। पर्यावरणीय संरक्षण के लिए गंगा सफाई से जुड़े होमस्टे को एक्स्ट्रा इंसेंटिव मिलेगा।
काशी होमस्टे में निवेश: कैसे शुरू करें?
यदि आप काशीवासी हैं, तो पर्यटन.उत्तरप्रदेश.गोव.इन पर आवेदन करें। लागत 5-10 लाख (सब्सिडी के बाद), रिटर्न 6 महीने में।
ट्रेनिंग सेंटर अस्सी घाट पर उपलब्ध। यह स्कीम न सिर्फ कमाई का साधन है,
बल्कि काशी की संस्कृति को ग्लोबल स्तर पर फैलाने का माध्यम।
काशी अब बदल रही है – घाटों से होमस्टे तक, जहां हर आम आदमी करोड़पति बनने की राह पर है।