गोरखपुर नगर निगम कूड़ा वाहन चालकों पर सख्ती
गोरखपुर नगर निगम में कूड़ा वाहन चालकों पर सख्ती बढ़ी
गोरखपुर नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए कूड़ा वाहन चालकों पर सख्ती बरतने का फैसला लिया है। नगर निगम की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि कूड़ा निस्तारण के लिए केवल एक चक्कर लगाने वाले वाहन चालकों पर नजर रखी जाएगी और ऐसी लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने इस संबंध में सभी वाहन चालकों और संबंधित कर्मचारियों को सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि शहर में कूड़ा प्रबंधन की जिम्मेदारी गंभीर है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक चक्कर लगाने पर कार्रवाई के निर्देश: जोनल अधिकारी का सख्त रुख
जोनल सेनेटरी अधिकारी अखिलेश कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि कूड़ा वाहन चालक अपने निर्धारित रूट पर पूरा चक्कर लगाएं। कई चालकों की शिकायतें आई थीं कि वे केवल एक या दो चक्कर लगाकर वापस आ जाते हैं, जिससे कई वार्डों में कूड़ा जमा हो जाता है और सड़कें गंदी रहती हैं। अधिकारी ने कहा कि अब से GPS ट्रैकिंग, मोबाइल ऐप और फील्ड स्टाफ के माध्यम से हर वाहन की मॉनिटरिंग की जाएगी। अगर कोई चालक लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ जुर्माना और निलंबन तक की सजा दी जा सकती है। यह कदम स्वच्छ भारत मिशन और नगर निगम की स्वच्छता रैंकिंग को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
कूड़ा निस्तारण व्यवस्था में लापरवाही क्यों समस्या बनी?
गोरखपुर में तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के कारण कूड़ा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है। कई इलाकों में कूड़ा वाहन समय पर नहीं पहुंचते या अधूरा काम करके चले जाते हैं, जिससे गलियों में कचरा जमा हो जाता है। इससे मच्छर-मक्खी बढ़ती है और बीमारियां फैलने का खतरा रहता है। नगर निगम ने पिछले कुछ महीनों में कई बार चालकों को चेतावनी दी थी, लेकिन अब सख्ती अपनाई जा रही है। अधिकारी ने कहा कि वाहन चालकों को नियमित रूप से ट्रेनिंग दी जाएगी और उनके प्रदर्शन की मासिक समीक्षा होगी। अच्छा काम करने वाले चालकों को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा।
स्वच्छता अभियान में नई रणनीति: GPS और ऐप से मॉनिटरिंग
नगर निगम ने कूड़ा वाहनों में GPS डिवाइस लगाने और मोबाइल ऐप के जरिए रीयल-टाइम ट्रैकिंग शुरू करने की योजना बनाई है। इससे पता चलेगा कि वाहन किस रूट पर गया, कितने समय तक रुका और कितना कूड़ा उठाया। जोनल अधिकारी ने कहा कि अगर कोई चालक एक चक्कर लगाकर वापस आता है तो उसका वेतन काटा जाएगा और दोबारा लापरवाही पर नौकरी से हटाया जा सकता है।
यह व्यवस्था शहर के सभी 70 वार्डों में लागू की जाएगी। स्थानीय निवासियों से अपील की गई है कि
वे कूड़ा सही समय पर बाहर रखें और गंदगी फैलाने वालों की शिकायत दर्ज करें।
शहरवासियों से अपील: स्वच्छता में सहयोग जरूरी
नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि
वे कूड़ा अलग-अलग डस्टबिन में डालें और वाहन चालकों के साथ सहयोग करें।
अगर कूड़ा समय पर नहीं उठाया जाता तो शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारी ने कहा कि स्वच्छ गोरखपुर बनाने में
हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। सख्ती के साथ-साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
यह कदम गोरखपुर को स्वच्छ शहरों की सूची में ऊपर लाने में मदद करेगा।