ऋषिकेश सफाई कर्मचारी आयोग बैठक
ऋषिकेश में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा पर बड़ा मुद्दा उठा
ऋषिकेश में सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद कर्मचारियों को बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर टैंक में उतारने की शिकायत पर सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष (राज्य मंत्री) भगवत प्रसाद मकवाना ने कड़ी नाराजगी जताई। बुधवार को नगर निगम परिसर में आयोजित बैठक में उन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक वीडियो दिखाकर यह शिकायत की गई थी, जिसमें कर्मचारियों को बिना सुरक्षा गियर के सीवर में उतरते देखा गया। मकवाना ने कहा कि कर्मचारियों की जान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में उठे प्रमुख मुद्दे और दिए गए निर्देश
बैठक में सफाई कर्मचारियों की कई समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। भगवत प्रसाद मकवाना ने ईपीएफ अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन कर्मचारियों का ईपीएफ भुगतान नहीं किया गया है, उनके लिए 27 फरवरी को विशेष कैंप आयोजित कर सभी समस्याओं का निस्तारण किया जाए। डोर टू डोर कूड़ा संग्रहण करने वाली कंपनी के सहायकों का मानदेय शासनादेश के अनुसार प्रतिदिन 500 रुपये भुगतान करने के सख्त निर्देश दिए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि 70 पर्यावरण मित्रों की सूची तैयार कर बैंक को लोन के लिए भेजी गई है, लेकिन सफाई कर्मचारियों ने कहा कि सूची में शामिल किसी भी कर्मचारी को अभी तक लोन नहीं मिला है। लीड बैंक अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहने पर नगर आयुक्त को स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया गया।
सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा: सीएम स्तर पर सख्ती की जरूरत
भगवत प्रसाद मकवाना ने बैठक में स्पष्ट कहा कि सफाई कर्मचारी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है। बिना सुरक्षा उपकरण के सीवर टैंक में उतारना जानलेवा है। उन्होंने जल संस्थान अधिकारियों को चेतावनी दी कि आधुनिक मशीनों और सुरक्षा गियर उपलब्ध हैं, फिर भी पुरानी प्रथा जारी रखना अस्वीकार्य है। बैठक में सफाई आयोग उत्तराखंड के सदस्य राकेश कुमार पारछा, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल, सहायक नगर आयुक्त चंद्रकांत भट्ट, विशाल बिरला, विनोद घाघट, अक्षय आदि मौजूद रहे। सभी ने कर्मचारियों की मांगों पर सहमति जताई और त्वरित समाधान का वादा किया।
ईपीएफ, मानदेय और लोन मुद्दों पर सख्त निर्देश
ईपीएफ भुगतान में देरी से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। मकवाना ने 27 फरवरी को विशेष कैंप लगाने का आदेश दिया ताकि सभी कर्मचारियों का ईपीएफ अपडेट हो सके। डोर टू डोर कूड़ा कंपनी के सहायकों का मानदेय 500 रुपये प्रतिदिन तय है, लेकिन कई जगहों पर कम भुगतान की शिकायतें आईं। बैठक में इसे शासनादेश के अनुसार लागू करने का निर्देश दिया गया।
पर्यावरण मित्रों को लोन मुद्दे पर भी सवाल उठे।
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने सूची बैंक को भेजने की बात कही, लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि
लोन अभी तक नहीं मिला। लीड बैंक अधिकारी की अनुपस्थिति पर नगर आयुक्त से स्पष्टीकरण मांगा गया।
सफाई कर्मचारियों के लिए बेहतर भविष्य की उम्मीद
यह बैठक सफाई कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। भगवत प्रसाद मकवाना के
सख्त रुख से कर्मचारियों में राहत की भावना है। सुरक्षा उपकरण, ईपीएफ, मानदेय और लोन
जैसी समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई से ऋषिकेश में सफाई व्यवस्था मजबूत होगी।
बैठक ने यह संदेश दिया कि
सफाई कर्मचारी समाज का हिस्सा हैं और उनकी सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित किया जाएगा।