Oplus_131072
घटना का पूरा विवरण: कैसे हुई यह दर्दनाक कोशिश?
गोरखपुर जिले के डोमिनगढ़ क्षेत्र में 3 फरवरी 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया। एक युवती ने तत्काल ए उपक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गई। गोरखपुर डोमिनगढ़ ट्रेन सुसाइड न्यूज में यह खबर तेजी से वायरल हो रही है, क्योंकि युवती की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। स्थानीय लोगों और समाजसेवियों की तत्परता से उसे एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना ने गोरखपुर पुलिस और रेलवे प्रशासन के सामने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डोमिनगढ़ रेलवे ट्रैक पर शाम के समय तत्काल ट्रेन के गुजरने के दौरान एक युवती अचानक ट्रैक पर कूद पड़ी। चश्मदीदों के अनुसार, ट्रेन के ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन युवती ट्रेन की चपेट में आ गई और उसके शरीर पर गंभीर चोटें आईं। तत्काल ट्रेन हादसा गोरखपुर की यह घटना मात्र कुछ मिनटों में पूरे इलाके में फैल गई। युवती का नाम अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन अनुमान है कि वह स्थानीय निवासी है। ट्रेन रुकते ही现场 पर सैकड़ों की संख्या में लोग इकट्ठा हो गए, जिन्होंने घायल युवती को ट्रैक से हटाया और तुरंत मदद की पहल की। गवाहों ने बताया कि युवती खून से लथपथ थी और होश खो चुकी थी।
इस घटना की तत्काल सूचना मिलते ही सहजनवा के अविनाश निषाद आंचल जिला अध्यक्ष मौके पर पहुंचे। अविनाश निषाद ने फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज को बताया, “हमने देखा कि युवती की सांसें चल रही हैं, लेकिन हालत बेहद गंभीर थी।
समाजसेवियों की बहादुरी: अविनाश निषाद और चंद्रभान निषाद की भूमिका
अविनाश निषाद गोरखपुर और चंद्रभान निषाद समाजसेवी की यह पहल सराहनीय रही। फिशरमैन संगठन न केवल एंबुलेंस बुलाई, बल्कि सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर युवती के परिजनों तक खबर पहुंचाने की अपील की। चंद्रभान निषाद ने भीड़ को संभाला और पुलिस को सूचित किया। उनकी वजह से युवती को समय पर मेडिकल सहायता मिल सकी। फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज इस घटना को कवर करते हुए अपील करता है कि ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि युवती के घरवाले मिल सकें। यह घटना गोरखपुर के सामाजिक कार्यकर्ताओं की तत्परता का उदाहरण है।
गोरखपुर पुलिस और रेलवे की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। गोरखपुर पुलिस सुसाइड केस में अभी तक कोई सुसाइड नोट या परिजनों का बयान नहीं मिला है। एसपी सिटी ने बताया कि युवती की पहचान के प्रयास जारी हैं और मानसिक स्वास्थ्य जांच की जाएगी। रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन के ड्राइवर की सराहना की, जिन्होंने ब्रेक लगाकर बड़ा हादसा टाला। डोमिनगढ़ स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग और काउंसलिंग सेंटर स्थापित किए जाएं।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले? मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
गोरखपुर और पूर्वांचल में आत्महत्या प्रयास ट्रेन के मामले बढ़ रहे हैं, जो मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह या आर्थिक दबाव को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में डिप्रेशन की समस्या चरम पर है। एनएचआरसी डेटा बताता है कि उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक सुसाइड केस दर्ज होते हैं। इस घटना ने एक बार फिर जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया है। फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज अपील करता है कि परिवार वाले संपर्क करें।

गोरखपुर पुलिस और रेलवे की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
गोरखपुर पुलिस सुसाइड केस में
अभी तक कोई सुसाइड नोट या परिजनों का बयान नहीं मिला है।
एसपी सिटी ने बताया कि युवती की पहचान के प्रयास जारी हैं और
मानसिक स्वास्थ्य जांच की जाएगी।
रेलवे अधिकारियों ने ट्रेन के ड्राइवर की सराहना की, जिन्होंने ब्रेक लगाकर बड़ा हादसा टाला।
डोमिनगढ़ स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि
रेलवे ट्रैक पर फेंसिंग और काउंसलिंग सेंटर स्थापित किए जाएं।
क्यों बढ़ रहे हैं ऐसे मामले? मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल
गोरखपुर और पूर्वांचल में आत्महत्या प्रयास ट्रेन के मामले बढ़ रहे हैं, जो मानसिक तनाव,
पारिवारिक कलह या आर्थिक दबाव को दर्शाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, युवाओं में डिप्रेशन की समस्या चरम पर है।
एनएचआरसी डेटा बताता है कि उत्तर प्रदेश में प्रतिवर्ष 10,000 से अधिक सुसाइड केस दर्ज होते हैं।
इस घटना ने एक बार फिर जागरूकता की जरूरत पर जोर दिया है।
फिशरमैन वर्ल्ड न्यूज अपील करता है कि परिवार वाले संपर्क करें।