गोरक्षनगरी में होम स्टे की नई क्रांति: काशी-अयोध्या मॉडल की नकल
गोरखपुर, जिसे गोरक्षनगरी के नाम से जाना जाता है, अब काशी और अयोध्या की तर्ज पर होम स्टे कारोबार में नई उड़ान भर रहा है। गोरक्षनाथ मंदिर के दर्शनार्थियों और पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने स्थानीय लोगों को होम स्टे शुरू करने के लिए प्रेरित किया है। यह कारोबार न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की पर्यटन नीतियों के तहत गोरखपुर होम स्टे अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।
क्यों बढ़ रही है गोरखपुर होम स्टे की डिमांड?
काशी की घाटों और अयोध्या के राम मंदिर की तरह गोरक्षनाथ धाम आध्यात्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं, खासकर नवरात्रि, शिवरात्रि और कुम्भ मेले के समय। पारंपरिक होटलों की कमी और महंगे किराए से बचने के लिए पर्यटक अब होम स्टे पसंद कर रहे हैं। गोरखपुर होम स्टे में घर जैसा खाना, लोकल संस्कृति का अनुभव और किफायती दाम (₹800-₹2000 प्रति रात) उपलब्ध हैं। स्थानीय निवासी रामेश्वर पांडे बताते हैं, “मेरे होम स्टे में 2025 में 5000 से ज्यादा बुकिंग हुईं, कमाई 15 लाख से ऊपर रही।”
सरकारी सहयोग से होम स्टे कारोबार को मिला बूस्ट
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने ‘होम स्टे योजना’ के तहत गोरखपुर में 200 से ज्यादा होम स्टे को मान्यता दी है। सब्सिडी, ट्रेनिंग और ऑनलाइन पोर्टल (UP Tourism App) के जरिए बुकिंग आसान हो गई है। गोरखपुर जिले के 50 गांवों में होम स्टे चेन विकसित हो रही है, जो काशी के बनारसी होम स्टे और अयोध्या के अवध स्टाइल को चुनौती दे रही है। डीएम गोरखपुर राजीव राय कहते हैं, “यह कारोबार 5000 नौकरियां पैदा कर चुका है और 2026 में 30% ग्रोथ की उम्मीद है।”
लोकल फायदे: पर्यटन से रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण
गोरक्षनगरी के होम स्टे पर्यटकों को गोरखपुर की चिकनकारी, तेरहरीताल झील और रामगढ़ ताल के टूर के साथ जोड़ते हैं। महिलाएं खासकर इससे लाभान्वित हो रही हैं। सुनीता देवी, एक होम स्टे मालकिन, ने बताया, “मैं अकेली कमाती हूं, मेहमानों को लोकल थाली खिलाती हूं।” यह कारोबार पर्यावरण-अनुकूल भी है, क्योंकि होम स्टे कम बिजली-पानी खपत करते हैं। अयोध्या की तरह यहां भी योग और ध्यान सेशन होम स्टे में शुरू हो गए हैं, जो हेल्थ टूरिज्म को बढ़ावा दे रहे हैं।
चुनौतियां और भविष्य की संभावनाएं
होम स्टे कारोबार में स्वच्छता, सिक्योरिटी और मार्केटिंग की चुनौतियां हैं,
लेकिन Airbnb, MakeMyTrip जैसी ऐप्स से समस्या हल हो रही है। 2026 में
गोरखपुर एयरपोर्ट विस्तार से अंतरराष्ट्रीय पर्यटक बढ़ेंगे। निवेशक के लिए टिप:
₹5-10 लाख से होम स्टे शुरू करें, ROI 2 साल में। काशी-अयोध्या की सफलता से प्रेरित
गोरखपुर होम स्टे अब उत्तर प्रदेश टूरिज्म का नया चैंपियन बनने को तैयार है।
यह क्रांति न केवल आर्थिक विकास ला रही है बल्कि
गोरखपुर की सांस्कृतिक पहचान को भी विश्व पटल पर मजबूत कर रही है।
यदि आप गोरखपुर में निवेश या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो होम स्टे विकल्प जरूर चुनें—
यह किफायती, आरामदायक और यादगार अनुभव देगा।