गोरखपुर के पीपीगंज में
गोरखपुर में लव ट्रायंगल का क्रूर हत्याकांड
गोरखपुर के पीपीगंज थाना क्षेत्र में 30 जनवरी को बरघट्टा पुल के पास एक महिला का नग्न शव मिला था, जिसकी पहचान मुंबई की प्रिया शेट्टी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि प्रिया की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर विजय और उसकी पत्नी संध्या ने मिलकर की थी। हत्या के बाद पहचान छिपाने के लिए चेहरा ईंट से कुचल दिया गया। आरोपी विजय ने 26 जनवरी को अपनी पत्नी और प्रिया के साथ ट्रेन से गोरखपुर पहुंचा था। पुलिस ने विजय, संध्या और विजय के ससुर को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा कर दिया है।
घटना की पूरी टाइमलाइन
प्रिया शेट्टी मुंबई में रहती थी और विजय के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी। विजय पहले से शादीशुदा था और उसकी पत्नी संध्या से दो बच्चे भी थे। जब संध्या को प्रिया के बारे में पता चला तो उसने विजय पर दबाव बनाया कि रिश्ता खत्म करे। लेकिन विजय प्रिया से अलग नहीं होना चाहता था। आखिरकार दोनों ने मिलकर प्रिया को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
26 जनवरी को विजय अपनी पत्नी संध्या और प्रिया को साथ लेकर ट्रेन से गोरखपुर पहुंचा। यहां वे कुछ दिन रुके और 30 जनवरी की रात प्रिया को बरघट्टा पुल के पास ले गए। वहां प्रिया की गला दबाकर हत्या की गई। हत्या के बाद शव को नग्न किया और चेहरा ईंट से कुचल दिया ताकि पहचान न हो सके। शव को पुल के नीचे फेंक दिया गया।
CCTV में कैद हुआ आखिरी मूवमेंट
पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले तो कई महत्वपूर्ण क्लू मिले। फुटेज में विजय, संध्या और प्रिया तीनों साथ दिखे। प्रिया के साथ आखिरी मूवमेंट में वह खुश नजर आ रही थी, क्योंकि उसे पता नहीं था कि उसके साथ क्या होने वाला है। CCTV में तीनों पुल की ओर जाते दिखे, लेकिन वापसी में सिर्फ विजय और संध्या नजर आए। यह फुटेज हत्या की पुष्टि करने में अहम साबित हुआ।
पहचान छिपाने की क्रूरता
हत्या के बाद सबसे बड़ा सबूत चेहरा था। इसलिए विजय ने ईंट से प्रिया का चेहरा पूरी तरह कुचल दिया। पुलिस को शव मिलने पर चेहरा इतना क्षत-विक्षत था कि तुरंत पहचान नहीं हो पाई। लेकिन फिंगरप्रिंट, मोबाइल लोकेशन और CCTV से सुराग मिले। प्रिया के मोबाइल से विजय और संध्या के कॉल रिकॉर्ड भी मिले, जिससे साजिश साफ हो गई।
पुलिस ने कैसे किया खुलासा
पीपीगंज पुलिस ने शव मिलने के बाद तुरंत जांच शुरू की। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई।
मोबाइल लोकेशन से विजय और संध्या की मौजूदगी गोरखपुर में साबित हुई।
पूछताछ में विजय ने कबूल लिया कि संध्या के
दबाव में उसने प्रिया की हत्या की। ससुर भी साजिश में शामिल था। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सामाजिक प्रभाव और सबक
यह केस लिव-इन रिलेशनशिप, लव ट्रायंगल और क्रोध की चरम सीमा को दर्शाता है। प्रिया जैसी युवती की मौत ने
परिवार और समाज को झकझोर दिया है। पुलिस का तेज खुलासा सराहनीय है,
लेकिन ऐसे मामलों में रिश्तों में विश्वास और
संवाद की कमी पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
क्रूर हत्या का खुलासा
गोरखपुर के इस हत्याकांड में प्रिया की मौत उसके प्रेमी और उसकी पत्नी की साजिश का नतीजा थी।
चेहरा कुचलकर पहचान छिपाने की क्रूरता और CCTV में कैद आखिरी मूवमेंट ने पूरे मामले को सनसनीखेज बना दिया।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्याय की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
यह घटना बताती है कि अपराध कितना भी छिपाने की कोशिश की जाए, सच सामने आ ही जाता है।