1 फरवरी 2026 को पेश होने वाले केंद्रीय बजट
बजट 2026 में इलेक्ट्रिक कारों को लेकर मिडिल क्लास की उम्मीदें
1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश होने वाले केंद्रीय बजट 2026-27 से मिडिल क्लास परिवारों की नजरें इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) पर टिकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उछाल और पर्यावरण चिंताओं के कारण लोग इलेक्ट्रिक कारों की ओर रुख कर रहे हैं, लेकिन ऊंची कीमत अभी भी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है। विशेषज्ञों और ऑटो इंडस्ट्री का मानना है कि बजट में कुछ बड़े ऐलान हो सकते हैं जो इलेक्ट्रिक कारों को मिडिल क्लास की पहुंच में ला सकते हैं।
इलेक्ट्रिक कारों को सस्ता बनाने की संभावित घोषणाएं
- जीएसटी में कटौती वर्तमान में इलेक्ट्रिक कारों पर 5% जीएसटी लगता है, लेकिन बैटरी पर 18% और चार्जर पर 18% जीएसटी है। इंडस्ट्री की मांग है कि पूरी EV वैल्यू चेन (बैटरी, चार्जर, मोटर) पर जीएसटी को 5% या उससे कम किया जाए। यदि ऐसा होता है तो टाटा नेक्सन EV, MG ZS EV और महिंद्रा XUV400 जैसी कारों की कीमत में ₹1-2 लाख तक की कमी आ सकती है।
- FAME III स्कीम की शुरुआत या FAME II एक्सटेंशन FAME II स्कीम दिसंबर 2025 में खत्म हो रही है। बजट में FAME III की घोषणा या FAME II को 1-2 साल और बढ़ाने की उम्मीद है। इससे ₹10,000-₹1.5 लाख तक की सब्सिडी मिल सकती है, जो मिडिल क्लास के लिए बड़ी राहत होगी।
- इनकम टैक्स में राहत सेक्शन 80EEB के तहत EV खरीद पर ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट मिलती है। बजट में इस लिमिट को बढ़ाकर ₹2-3 लाख करने या इसे सभी इनकम ग्रुप के लिए लागू करने की मांग है। इससे मिडिल क्लास को सालाना ₹30,000-₹50,000 तक टैक्स बचत हो सकती है।
- चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस बजट में चार्जिंग स्टेशन पर सब्सिडी, टैक्स छूट या PPP मॉडल के तहत तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने का ऐलान हो सकता है। इससे EV मालिकों को रेंज एंग्जाइटी कम होगी और अपनाने की रफ्तार बढ़ेगी।
- बैटरी और लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा PLI स्कीम के तहत बैटरी उत्पादन पर इंसेंटिव बढ़ाने या
- इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने से बैटरी की कीमत घट सकती है, जो EV की कुल लागत का 40-50% हिस्सा है।
मिडिल क्लास के लिए क्या मतलब?
यदि बजट में ऊपर बताए गए 2-3 ऐलान होते हैं तो ₹10-15 लाख वाली इलेक्ट्रिक कारें
₹8-12 लाख के दायरे में आ सकती हैं। इससे टाटा पंच EV, नेक्सन
EV, MG Comet EV और आने वाली मारुति-सुजुकी EV जैसी कारें मिडिल क्लास के लिए
ज्यादा आकर्षक बनेंगी। पेट्रोल कारों के
मुकाबले 5-7 साल में फ्यूल और मेंटेनेंस पर लाखों रुपये की बचत भी होगी।
विशेषज्ञों की राय
ऑटो एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार की EV30@30 विजन (2030 तक 30% EV) को हासिल करने के लिए
मिडिल क्लास को टारगेट करना जरूरी है। बजट में यदि EV सेक्टर पर फोकस रहता है तो यह
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।
1 फरवरी 2026 को बजट भाषण के साथ ही
यह साफ हो जाएगा कि मिडिल क्लास को इलेक्ट्रिक कार खरीदने का सपना
कितना सस्ता और करीब आएगा। तब तक उम्मीदें बरकरार हैं
