गोरखपुर-वाराणसी सिटी पैसेंजर ट्रेन 2 से 16 फरवरी तक निरस्त
गोरखपुर-वाराणसी सिटी पैसेंजर ट्रेन निरस्त: यात्रियों को झटका
गोरखपुर: उत्तर पूर्व रेलवे ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी जारी की है। गाड़ी संख्या 15129 गोरखपुर-वाराणसी सिटी पैसेंजर ट्रेन 2 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक पूरी तरह निरस्त रहेगी। वहीं वापसी वाली गाड़ी संख्या 15130 वाराणसी सिटी-गोरखपुर पैसेंजर 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक रद्द रहेगी। यह निरस्तीकरण लगातार 15 दिनों तक चलेगा, जिससे गोरखपुर और वाराणसी के बीच रोजाना यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
कैंट-सीवान पैसेंजर भी प्रभावित
इसके अलावा गोरखपुर कैंट से सीवान जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी 15 फरवरी 2026 तक निरस्त रहेगी। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई लाइन पर रखरखाव कार्य, ब्रिज निर्माण, ट्रैक नवीनीकरण और अन्य तकनीकी आवश्यकताओं के कारण की जा रही है। उत्तर पूर्व रेलवे ने स्पष्ट किया कि इन दिनों ट्रैक पर बड़े पैमाने पर कार्य होने से पैसेंजर ट्रेनों का संचालन संभव नहीं है।
यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
रेलवे ने प्रभावित यात्रियों के लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्था की है:
- गोरखपुर-वाराणसी रूट पर चलने वाली अन्य मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों (जैसे गोरखपुर-वाराणसी एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस, आदि) में अतिरिक्त कोच लगाए जा सकते हैं।
- यात्रियों को टिकट रिफंड या तत्काल रिजर्वेशन में प्राथमिकता देने का आश्वासन दिया गया है।
- प्रभावित यात्रियों को रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 या 14646 पर संपर्क करने की सलाह दी गई है।
यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले PNR स्टेटस चेक करें और वैकल्पिक ट्रेनों का चुनाव करें।
क्यों हो रही है इतने दिनों की निरस्तीकरण?
उत्तर पूर्व रेलवे के अनुसार, गोरखपुर-वाराणसी सेक्शन पर कई वर्षों से लंबित विकास कार्य अब तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- ट्रैक डबलिंग का अंतिम चरण
- ब्रिजों की मरम्मत और मजबूती
- सिग्नलिंग सिस्टम का अपग्रेडेशन
- स्टेशन यार्ड का विस्तार
ये कार्य सुरक्षा और गति बढ़ाने के लिए जरूरी हैं, लेकिन इन्हें पूरा करने के लिए ट्रेनें रोकनी पड़ रही हैं।
रेलवे का कहना है कि कार्य पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या और समय में सुधार होगा।
यात्रियों की परेशानी और सुझाव
गोरखपुर और वाराणसी के बीच यह रूट रोजगार, शिक्षा, चिकित्सा और व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
हजारों छात्र, मजदूर, मरीज और व्यापारी रोजाना इस पैसेंजर ट्रेन का उपयोग करते हैं।
निरस्तीकरण से इन वर्गों को सबसे ज्यादा असुविधा हो रही है।
यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी परेशानी जाहिर की है और वैकल्पिक बस या अन्य ट्रेनों की मांग की है।
कुछ ने सुझाव दिया है कि रेलवे को इन दिनों विशेष बस सेवा या अतिरिक्त ट्रेन चलानी चाहिए।
रेलवे का आश्वासन
उत्तर पूर्व रेलवे के प्रवक्ता ने कहा, “हम यात्रियों की असुविधा समझते हैं।
कार्य जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास है।
17 फरवरी से ट्रेनें सामान्य रूप से चलेंगी। यात्रियों से सहयोग की अपेक्षा है।”
यात्रियों को सलाह है कि वे IRCTC ऐप, NTES या रेलवे पूछताछ नंबर से नवीनतम अपडेट लेते रहें