सुबह यूजीसी नए इक्विटी नियम
: गोरखपुर में आज एक अनोखा दिन रहा – सुबह छात्रों और शिक्षकों ने यूजीसी के नए इक्विटी नियमों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया, तो शाम को सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पूरे शहर में जश्न का माहौल बन गया। सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने UGC इक्विटी रेगुलेशंस 2026 पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। कोर्ट ने नियमों को अस्पष्ट और दुरुपयोग के योग्य बताया, जिससे सामान्य वर्ग के छात्रों में राहत की सांस आई।
सुबह का विरोध प्रदर्शन: छात्रों-शिक्षकों का गुस्सा
सुबह 10 बजे गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर डीएसए (डीएनए) छात्रसंघ और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी के बीच पोस्टर और बैनर लगाए गए – “यूजीसी नियम वापस लो”, “सामान्य वर्ग पर अन्याय नहीं चलेगा”। छात्रों का आरोप था कि नए नियम जातिगत भेदभाव की परिभाषा को अस्पष्ट बनाते हैं और रैगिंग को बाहर रखकर सामान्य छात्रों की शिकायतों को दबा सकते हैं। प्रदर्शन में शामिल छात्र नेता राहुल सिंह ने कहा, “यह नियम सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ भेदभाव है। हम सुप्रीम कोर्ट से उम्मीद कर रहे हैं।”
प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और पुलिस ने भी कोई लाठीचार्ज नहीं किया। शाम तक प्रदर्शनकारी घर लौट गए थे।
शाम का जश्न: सुप्रीम कोर्ट फैसला आते ही मिठाई बंटी
दोपहर 3:30 बजे सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खबर आते ही गोरखपुर में खुशी की लहर दौड़ गई। विश्वविद्यालय कैंपस, मेडिकल कॉलेज, डीएवी कॉलेज और विभिन्न कोचिंग सेंटरों पर छात्रों ने मिठाई बांटी। “सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद”, “सामान्य वर्ग की जीत” के नारे लगाए गए। छात्र नेता प्रियंका यादव ने कहा, “हमारा विरोध सही साबित हुआ। CJI सूर्यकांत जी और जस्टिस बागची की बेंच ने न्याय किया। 2012 के पुराने नियम लागू रहेंगे – यह हमारी जीत है।”
शाम को गोरखपुर विश्वविद्यालय के छात्र संघ ने छोटा सा जश्न मनाया। शिक्षक संगठनों ने भी बधाई दी और कहा कि यह फैसला उच्च शिक्षा में समानता और निष्पक्षता को मजबूत करेगा।
सुप्रीम कोर्ट फैसले की मुख्य बातें
- UGC के नए इक्विटी रेगुलेशंस (13 जनवरी 2026 से लागू) पर स्टे।
- नियम अस्पष्ट और दुरुपयोग के योग्य, समाज में विभाजन पैदा कर सकते हैं।
- 2012 के पुराने नियम फिलहाल लागू रहेंगे।
- केंद्र और UGC को नोटिस जारी, अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को।
- सामान्य वर्ग के छात्रों की याचिकाओं पर फैसला।
गोरखपुर में प्रतिक्रिया: राहत और उत्साह
गोरखपुर में सामान्य वर्ग के छात्रों और अभिभावकों में राहत की सांस है।
कई अभिभावकों ने कहा कि नए नियम से उनके बच्चों का
भविष्य प्रभावित हो सकता था। शिक्षकों का कहना है कि यह फैसला उच्च शिक्षा में पारदर्शिता लाएगा।
यह दिन गोरखपुर के छात्र-शिक्षक समुदाय के लिए ऐतिहासिक रहा – सुबह का विरोध और शाम का जश्न दोनों ही यादगार।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला उच्च शिक्षा में समानता की नई उम्मीद जगाता है।
