नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026: कांग्रेस पार्टी में हाल के दिनों में मतभेद और आंतरिक कलह की अटकलों ने जोर पकड़ा था, खासकर केरल इकाई को लेकर। ऐसे में वरिष्ठ कांग्रेस सांसद और केरल से राज्यसभा सदस्य शशि थरूर ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महत्वपूर्ण मुलाकात की। यह बैठक 29 जनवरी 2026 को संसद भवन में खरगे के चैंबर में हुई, जो करीब दो घंटे तक चली। मुलाकात के बाद थरूर ने स्पष्ट किया कि सब कुछ ठीक है और पार्टी एकजुट होकर आगे बढ़ रही है।
मुलाकात की पृष्ठभूमि: नाराजगी और अटकलों का दौर
पिछले कुछ महीनों से शशि थरूर और पार्टी नेतृत्व के बीच तनाव की खबरें सामने आ रही थीं। हाल ही में कोच्चि में कांग्रेस के एक बड़े महापंचायत कार्यक्रम में राहुल गांधी द्वारा थरूर का नाम न लेना और राज्य नेतृत्व द्वारा उन्हें किनारे करने की कोशिशों से थरूर नाराज थे। इसके अलावा, पार्टी की केरल रणनीति बैठक में थरूर की अनुपस्थिति ने अटकलों को और हवा दी। कुछ रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया कि थरूर पार्टी छोड़ सकते हैं या भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब केरल विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस यूडीएफ गठबंधन के साथ सत्ता वापसी की कोशिश में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, यह बैठक थरूर की शिकायतों के समाधान के लिए थी, जिसमें पार्टी ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे महत्वपूर्ण फैसलों में शामिल रहेंगे।
बैठक के मुख्य बिंदु: गर्मजोशी भरी और सार्थक चर्चा
मुलाकात के दौरान राष्ट्रीय और केरल स्तर की रणनीतियों पर विस्तार से बात हुई। पार्टी अध्यक्ष खरगे ने थरूर की चिंताओं को ध्यान से सुना और पार्टी एकजुट रखने का वादा किया। राहुल गांधी ने भी संगठनात्मक मुद्दों पर अपनी राय रखी और थरूर को पार्टी के लिए जरूरी बताया।
मुलाकात के बाद शशि थरूर ने मीडिया से कहा, “हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक और सकारात्मक बातचीत हुई। सब ठीक है और हम एक साथ मिलकर आगे बढ़ रहे हैं।” उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट किया, “आज अध्यक्ष जी @kharge और @RahulGandhi जी से मुलाकात हुई। चर्चा गर्मजोशी भरी और सार्थक रही।
हम सब एक ही पेज पर हैं और भारत की जनता की सेवा में आगे बढ़ रहे हैं।”
थरूर ने स्पष्ट किया:
- केरल सीएम पद में कोई रुचि नहीं: उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद या किसी
- अन्य चुनावी उम्मीदवारी में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है।
- व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं: वे पार्टी को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- आंतरिक मुद्दे संगठन में सुलझाएं: मीडिया के बजाय पार्टी के अंदर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस के लिए क्या मतलब? एकता का संदेश
यह मुलाकात कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत है, खासकर केरल चुनाव से पहले।
थरूर जैसे प्रभावशाली और बौद्धिक नेता की पार्टी में सक्रिय भागीदारी से कार्यकर्ताओं में
उत्साह बढ़ सकता है। अटकलों पर विराम लगने से पार्टी की
छवि मजबूत होगी और विपक्षी हमलों का सामना आसान बनेगा।
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि थरूर अब केरल में सक्रिय अभियान चलाएंगे और यूडीएफ को मजबूत बनाएंगे।
यह बैठक पार्टी में एकता बहाल करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।