उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट
यूपी बजट सत्र की शुरुआत: तारीखें और कार्यक्रम
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है। कैबिनेट की बैठक में इसकी पुष्टि हुई, जहां वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने जानकारी दी। सत्र की औपचारिक शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी, जिसमें वे विधानसभा और विधान परिषद दोनों सदनों को संबोधित करेंगी। यह अभिभाषण सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और आगामी योजनाओं का रोडमैप पेश करेगा। इसके बाद 11 फरवरी को योगी आदित्यनाथ सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट विधानसभा में पेश करेगी। बजट पेश करने का जिम्मा वित्त मंत्री सुरेश खन्ना संभालेंगे। यह सत्र 2027 के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले हो रहा है, इसलिए राजनीतिक महत्व बहुत अधिक है।
योगी सरकार का बजट फोकस: लोककल्याण और विकास पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में बजट प्रस्तावों की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि 2026-27 का बजट लोककल्याण को केंद्र में रखेगा। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में यूपी ने विकास, सुरक्षा और समृद्धि में ठोस प्रगति की है, जिससे जनता की अपेक्षाएं बढ़ी हैं। बजट में जनता की अपेक्षाओं को पूरा करना, क्षेत्रीय जरूरतों और दीर्घकालिक विकास का संतुलन बनाए रखना प्राथमिकता होगी। केंद्रीय बजट (1 फरवरी 2026) के बाद यूपी से जुड़े प्रावधानों की समीक्षा कर विभागीय बजट में सुधार किए जाएंगे। फोकस गरीब, किसान, युवा, महिलाओं और वंचित वर्गों पर रहेगा। लोककल्याण योजनाओं की निरंतरता, सामाजिक सुरक्षा का विस्तार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना मुख्य उद्देश्य हैं।
2027 चुनावों को देखते हुए बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसलिए इस बजट में कई बड़ी घोषणाएं संभावित हैं। योगी सरकार पिछले चुनावों की तरह ‘लोककल्याण मिशन’ जैसी योजनाओं पर फोकस कर सकती है। पिछली बार फ्री राशन, किसान सम्मान निधि, महिलाओं के लिए योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स जैसे गंगा एक्सप्रेसवे (फरवरी 2026 तक पूरा) पर जोर रहा। इस बार भी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, ग्रामीण विकास और शहरी सुविधाओं में बड़े आवंटन की उम्मीद है। शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज जैसी सुविधाएं पहले से मंजूर हो चुकी हैं, जो बजट में शामिल हो सकती हैं। कानून-व्यवस्था, वित्तीय अनुशासन और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
राज्यपाल का अभिभाषण: क्या महत्वपूर्ण होगा?
राज्यपाल का अभिभाषण सत्र का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसमें सरकार की उपलब्धियां
जैसे यूपी को BIMARU से ग्रोथ इंजन बनाने की बात, निवेश आकर्षण, रोजगार सृजन और सुरक्षा पर फोकस होगा।
अभिभाषण में आगामी योजनाओं का संकेत मिलेगा, जो बजट का आधार बनेगा।
दोनों सदनों में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जहां विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा सकता है।
बजट सत्र का महत्व और संभावित प्रभाव
यह बजट सत्र यूपी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने का मौका है। राज्य अब भारत की दूसरी
सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, निवेश और रोजगार में तेजी आई है।
योगी सरकार विकास को बिना भेदभाव के आगे बढ़ाने पर जोर दे रही है।
बजट में गरीब कल्याण, युवा सशक्तिकरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर
फोकस से चुनावी फायदा मिल सकता है। सत्र के दौरान विधेयक भी पेश हो सकते हैं