फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद
चंद्रभान निषाद की हुंकार: SC/ST/OBC के अधिकारों की वकालत
फिशरमैन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रभान निषाद ने गोरखपुर में UGC के नए कानून को SC/ST/OBC समुदायों के लिए स्वर्णिम युग करार दिया है। गोरखपुर में आयोजित एक सभा और प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह कानून उच्च शिक्षा में आरक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ जातिगत भेदभाव को जड़ से खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। चंद्रभान निषाद ने खुलकर आरोप लगाया कि जनरल समाज का 85% हिस्सा SC/ST/OBC के साथ भेदभाव करता है। उनका कहना है कि शिक्षा, नौकरी, प्रमोशन और सामाजिक सम्मान में यह भेदभाव रोज देखने को मिलता है।
UGC कानून: SC/ST/OBC आरक्षण को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक कदम
UGC (University Grants Commission) का नया कानून उच्च शिक्षा संस्थानों में SC/ST/OBC आरक्षण को पूरी तरह लागू करने और भेदभाव रोकने के लिए सख्त प्रावधान लाया गया है। चंद्रभान निषाद के अनुसार यह कानून सिर्फ कोटा लागू नहीं करेगा, बल्कि:
- हर विश्वविद्यालय में इक्वल ऑपर्च्युनिटी सेंटर (EOC) अनिवार्य
- इक्विटी कमिटी गठन
- वार्षिक आरक्षण रिपोर्ट UGC को अनिवार्य जमा
- भेदभाव पर शिकायत के 24 घंटे में सुनवाई
निषाद जी ने गोरखपुर में कहा, “यह स्वर्णिम युग है। अब SC/ST/OBC युवाओं को उनका हक मिलेगा। सरकारी नौकरियों और प्रमोशन में आरक्षण का पालन न होने से लाखों युवा वंचित रहते थे। अब पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार रुकेगा।”
उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में जहां OBC आबादी 50% से अधिक है, यह कानून क्रांतिकारी साबित होगा। गोरखपुर के युवा और छात्रों ने इस कानून का स्वागत किया है।
फिशरमैन आर्मी का योगदान: निषाद समाज की आवाज
फिशरमैन आर्मी ने न केवल निषाद समाज, बल्कि पूरे SC/ST/OBC समुदाय की आवाज बुलंद की है। चंद्रभान निषाद ने गोरखपुर में बताया कि ग्रामीण इलाकों में OBC छात्रों को हॉस्टल में जगह न मिलना, कॉलेज में भेदभाव और नौकरियों में प्रमोशन रोकना आम बात है। फिशरमैन आर्मी ने गोरखपुर सहित कई शहरों में UGC कानून लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन चलाए। संगठन ने केंद्र सरकार से अपील की है कि इस कानून को जल्द नोटिफाई किया जाए ताकि लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो। गोरखपुर में फिशरमैन आर्मी के कार्यालय और होर्डिंग्स से संगठन की सक्रियता साफ दिखती है।
जनरल समाज का भेदभाव: 85% आंकड़े का सच
चंद्रभान निषाद ने दावा किया कि जनरल समाज के 85% लोग SC/ST/OBC के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाते हैं। उन्होंने सर्वे और सामाजिक अध्ययनों का हवाला देते हुए कहा कि शादियों, नौकरियों, सामाजिक आयोजनों और यहां तक कि पड़ोस में भी यह भेदभाव दिखता है। UGC कानून में मानवाधिकार आयोग से जुड़े प्रावधान लाए गए हैं जो इस भेदभाव को रोकेंगे। निषाद जी ने गोरखपुर के युवाओं से अपील की कि वे इस स्वर्णिम युग का पूरा लाभ उठाएं और शिक्षा-रोजगार में आगे बढ़ें। उन्होंने OBC आरक्षण को उत्तर प्रदेश में 27% से बढ़ाने की मांग भी दोहराई।
भविष्य की राह: SC/ST/OBC के लिए नई उम्मीदें
UGC कानून लागू होने से उच्च शिक्षा में SC/ST/OBC आरक्षण में क्रांति आएगी। चंद्रभान निषाद का मानना है कि
यह कानून सिर्फ शिक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी नौकरियों और प्रमोशन में भी समानता लाएगा।
फिशरमैन आर्मी गोरखपुर सहित पूरे देश में जागरूकता अभियान चला रही है।
जनरल समाज के भेदभाव के बावजूद यह कानून पिछड़े वर्गों के लिए नई उम्मीदें जगाएगा।
गोरखपुर जैसे शहरों में स्थानीय स्तर पर निषाद जी सक्रिय हैं और
सरकार को तुरंत नोटिफिकेशन जारी करने की सलाह दे रहे हैं।
इससे सामाजिक न्याय की मजबूत नींव पड़ेगी।
क्रांति का समय आ गया
चंद्रभान निषाद की अगुवाई में फिशरमैन आर्मी SC/ST/OBC आरक्षण को मजबूत करने में अग्रणी भूमिका निभा रही है।
UGC कानून वाकई स्वर्णिम युग की शुरुआत है। 85% भेदभाव के आरोपों के बीच
यह कानून सामाजिक समानता की किरण बनकर उभरा है।
पिछड़े वर्ग के युवा अब शिक्षा और रोजगार में बराबरी का हक पा सकेंगे।
अधिक जानकारी और समर्थन के लिए फिशरमैन आर्मी से संपर्क करें।
