उत्तर प्रदेश राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने
एकेटीयू में AI पर राज्यपाल का महत्वपूर्ण मंथन
उत्तर प्रदेश के तकनीकी शिक्षा के प्रमुख संस्थान डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर एक उच्च स्तरीय मंथन कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और AI के इस्तेमाल को लेकर अपने विचार साझा किए। राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा कि बच्चों और युवाओं को AI के सही और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना चाहिए, लेकिन जो लोग AI का गलत इस्तेमाल करते हैं, उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए। यह मंथन AKTU के AI शिक्षा और नीति निर्माण में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के प्रमुख सुझाव
राज्यपाल ने अपने संबोधन में AI के दो पहलुओं पर जोर दिया – अवसर और खतरा। मुख्य सुझाव निम्नलिखित रहे:
- एआई के सही इस्तेमाल को प्रोत्साहन: छात्रों को AI टूल्स का उपयोग शिक्षा, रिसर्च, हेल्थकेयर, कृषि और पर्यावरण संरक्षण जैसे सकारात्मक क्षेत्रों में करने के लिए प्रेरित किया जाए। AI को समस्या समाधान का माध्यम बनाना चाहिए, न कि धोखाधड़ी का।
- गलत इस्तेमाल पर सख्त दंड: राज्यपाल ने कहा, “एआई का गलत इस्तेमाल करने वाले छात्रों, शिक्षकों या किसी भी व्यक्ति को दंडित किया जाना चाहिए।” इसमें डीपफेक, फर्जी कंटेंट, परीक्षा में नकल, साइबर क्राइम और प्राइवेसी उल्लंघन जैसे मामलों पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
- नैतिक AI शिक्षा अनिवार्य: AKTU और संबद्ध कॉलेजों में AI के साथ-साथ एथिक्स, डेटा प्राइवेसी, बायस और जिम्मेदारी पर अलग मॉड्यूल शामिल किया जाए। राज्यपाल ने NEP 2020 के तहत स्किल-बेस्ड और वैल्यू-बेस्ड शिक्षा पर बल दिया।
- AI साक्षरता अभियान: स्कूल-कॉलेज स्तर पर AI जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं, ताकि युवा AI के फायदे और नुकसान दोनों समझ सकें।
*राज्यपाल ने कहा, “AI एक शक्तिशाली उपकरण है। इसे सही हाथों में रखकर हम विकास कर सकते हैं, लेकिन गलत हाथों में यह विनाशकारी साबित हो सकता है।”
एकेटीयू में AI मंथन का महत्व
AKTU उत्तर प्रदेश में इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है, जहां लाखों छात्र पढ़ते हैं। AI मंथन में कुलपति, डीन, प्रोफेसर और छात्र प्रतिनिधि मौजूद थे। इस चर्चा से AKTU की AI नीति में बदलाव की संभावना बढ़ गई है। विश्वविद्यालय पहले से ही AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस में नए कोर्स शुरू कर चुका है, लेकिन राज्यपाल के सुझाव से अब नैतिकता और दंडात्मक प्रावधान भी जोड़े जा सकते हैं।
कार्यक्रम में AI के गलत इस्तेमाल के कई उदाहरण दिए गए, जैसे छात्रों द्वारा AI से असाइनमेंट लिखवाना,
फर्जी वीडियो बनाना और सोशल मीडिया पर
मिसइन्फॉर्मेशन फैलाना। राज्यपाल ने इन पर कड़ी कार्रवाई की वकालत की।
उत्तर प्रदेश में AI शिक्षा की दिशा
यह मंथन उत्तर प्रदेश में AI शिक्षा को नई दिशा देगा। राज्य सरकार पहले से ही गोरखपुर
लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में AI हब विकसित कर रही है।
राज्यपाल के सुझाव से AKTU जैसे संस्थानों में AI को सिर्फ तकनीकी विषय नहीं,
बल्कि नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ पढ़ाया जाएगा।
इससे छात्र न केवल कुशल इंजीनियर बनेंगे, बल्कि जिम्मेदार नागरिक भी।
AI का सही इस्तेमाल ही भविष्य है
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के शब्दों में – “एआई का गलत
इस्तेमाल करने वाले हों दंडित” – एक मजबूत संदेश है।
AKTU में हुए इस मंथन से उत्तर प्रदेश की तकनीकी शिक्षा में नैतिकता का नया अध्याय शुरू होगा। युवाओं को
AI के सकारात्मक उपयोग के लिए प्रेरित करना और गलत उपयोग पर रोक लगाना दोनों जरूरी हैं।
इससे न केवल शिक्षा बल्कि समाज भी सुरक्षित और
प्रगतिशील बनेगा। AKTU और अन्य संस्थान
अब इस दिशा में ठोस कदम उठाएंगे, ताकि AI भारत के विकास का माध्यम बने, न कि चुनौती।