UP और जापान के बीच नई रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत
उत्तर प्रदेश और जापान के बीच संबंध अब नई ऊंचाई छू रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में जापान के यामानाशी प्रांत के उप राज्यपाल से मुलाकात की और दोनों पक्षों ने ग्रीन एनर्जी, नवाचार, निवेश, शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर गहन चर्चा की। यह बैठक उत्तर प्रदेश को जापान की उन्नत तकनीक और ग्रीन टेक्नोलॉजी से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मुलाकात के दौरान तय हुआ कि अप्रैल-मई 2026 में जापान में उत्तर प्रदेश का विशेष फूड फेस्टिवल आयोजित किया जाएगा, जो भारतीय व्यंजनों को जापानी लोगों तक पहुंचाएगा। यह साझेदारी न केवल आर्थिक, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय स्तर पर भी मजबूत होगी।
मुलाकात के प्रमुख बिंदु: ग्रीन एनर्जी और नवाचार पर फोकस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यामानाशी प्रांत के उप राज्यपाल को उत्तर प्रदेश की प्रगति और निवेश के अवसरों से अवगत कराया। मुख्य चर्चा के विषय:
- ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल डेवलपमेंट: उत्तर प्रदेश में ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर पावर और विंड एनर्जी प्रोजेक्ट्स में जापानी कंपनियों को आमंत्रित किया गया। जापान की विश्व स्तरीय ग्रीन टेक्नोलॉजी उत्तर प्रदेश के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में मदद करेगी।
- नवाचार और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर: सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, AI और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे क्षेत्रों में जापानी विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाएगा। UP के युवाओं को जापान में ट्रेनिंग और स्किल डेवलपमेंट के अवसर मिलेंगे।
- निवेश और इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप: यामानाशी प्रांत की कंपनियां UP के इंफ्रास्ट्रक्चर, फूड प्रोसेसिंग, MSME और टेक्सटाइल सेक्टर में निवेश कर सकती हैं। मुख्यमंत्री ने SEZ और इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में विशेष सुविधाएं देने का आश्वासन दिया।
- शिक्षा और रिसर्च: दोनों पक्षों ने विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग, छात्र विनिमय कार्यक्रम और जॉइंट रिसर्च सेंटर खोलने पर सहमति जताई।
अप्रैल-मई 2026 में UP फूड फेस्टिवल जापान में
मुलाकात का सबसे रोचक ऐलान रहा – अप्रैल-मई 2026 में
जापान में उत्तर प्रदेश का विशेष फूड फेस्टिवल। इस फेस्टिवल में
UP के प्रसिद्ध व्यंजन जैसे कचौरी, चाट, बिरयानी, पेड़ा, बेनारसी चाट, लखनवी टुंडे कबाब और अवधी खाना शामिल होगा।
यह आयोजन जापानी लोगों को भारतीय संस्कृति और स्वाद से रूबरू कराएगा।
साथ ही UP के हस्तशिल्प, पर्यटन और योगा को भी प्रमोट किया जाएगा।
फेस्टिवल से दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार बढ़ेगा।
उत्तर प्रदेश के लिए फायदे
यह साझेदारी उत्तर प्रदेश को जापान की तरह एक ग्रीन और इनोवेटिव इकोनॉमी बनाने में मदद करेगी।
ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स से कार्बन उत्सर्जन कम होगा, रोजगार बढ़ेगा और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
जापानी निवेश से UP में हाई-टेक इंडस्ट्री आएगी,
जो युवाओं के लिए बेहतर जॉब्स लाएगी। फूड फेस्टिवल से
UP की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर मजबूत होगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
UP-जापान साझेदारी का नया अध्याय
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस मुलाकात ने भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा दी है।
ग्रीन एनर्जी, नवाचार, निवेश और संस्कृति पर केंद्रित
यह सहयोग उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाएगा। अप्रैल-मई
2026 में जापान में होने वाला UP फूड फेस्टिवल इस साझेदारी का सबसे स्वादिष्ट उदाहरण होगा।
उत्तर प्रदेश अब न केवल भारत का,
बल्कि विश्व का एक उभरता हुआ ग्रीन और इनोवेटिव राज्य बनने की राह पर है।