अखिलेश यादव का बंगाल दौरा और राजनीतिक मायने
कोलकाता, 28 जनवरी 2026: समाजवादी पार्टी (SPW) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव अपनी पत्नी डिंपल यादव के साथ पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंचे। यहां उन्होंने पहले कालीघाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से नबन्ना राज्य सचिवालय में मुलाकात की। यह दौरा 2026 लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी एकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अखिलेश यादव का यह बंगाल दौरा राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।
कालीघाट मंदिर में धार्मिक आस्था का प्रदर्शन
अखिलेश यादव और डिंपल यादव सुबह ही कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरे। स्थानीय TMC कार्यकर्ताओं और SPW समर्थकों के जोरदार स्वागत के बीच वे सीधे कालीघाट काली मंदिर रवाना हो गए। मंदिर में मां काली के दर्शन करने के बाद दोनों ने विशेष पूजा-अर्चना की। डिंपल यादव ने लाल साड़ी में पारंपरिक भक्ति दिखाई, जबकि अखिलेश कुर्ता-पायजामा में नजर आए। मंदिर परिसर में भारी भीड़ जुटी और लोग selfies लेने को बेताब दिखे।
यह पहला मौका नहीं है जब यादव परिवार ने बंगाल की धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया। अखिलेश ने पूजा के बाद पत्रकारों से कहा, “मां काली की कृपा से देश में न्याय और समानता की राह खुलेगी।” डिंपल यादव ने महिलाओं की सुरक्षा और विकास पर जोर देते हुए कहा कि बंगाल मॉडल पूरे देश के लिए प्रेरणा है। कालीघाट पूजा को SPW की बंगाल में सॉफ्ट लॉन्चिंग के रूप में देखा जा रहा है।
नबन्ना में ममता-अखिलेश की बंद कमरे वाली बैठक
कालीघाट पूजा के ठीक बाद अखिलेश-डिंपल नबन्ना राज्य सचिवालय पहुंचे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। लगभग 45 मिनट चली इस बैठक में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया,
लेकिन स्रोतों के अनुसार 2026 चुनावों में INDIA गठबंधन को मजबूत करने,
सीट बंटवारे और बंगाल की 42 लोकसभा सीटों पर रणनीति पर चर्चा हुई।
ममता बनर्जी ने अखिलेश को भगवा चुनरी भेंट की और चाय-पानी का स्वागत किया।
बैठक में TMC महासचिव पार्थ चटर्जी और
SPW प्रदेश अध्यक्ष भी मौजूद थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात BJP को चुनौती देने के लिए
विपक्षी दलों के बीच नया समीकरण बना सकती है। अखिलेश ने बाहर आते हुए कहा, “
ममता दीदी के नेतृत्व में बंगाल विकास का मॉडल है। हम साथ मिलकर काम करेंगे।”
2026 चुनावों पर असर
यह दौरा विपक्षी एकता की नई शुरुआत का संकेत देता है। अखिलेश यादव और ममता बनर्जी की मुलाकात से
INDIA गठबंधन मजबूत हो सकता है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि
बंगाल की सीटों पर SPW और TMC का सहयोग BJP के लिए चुनौती बनेगा।
विपक्षी एकता की दिशा में बड़ा कदम – देखते रहिए राजनीतिक विकास!