नेपाल भागने की फिराक में कोडीन
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। इस बार पकड़ा गया तस्कर विकास सिंह कोडीन कफ सिरप (कोडीन-आधारित कफ सिरप) की तस्करी में शामिल था और नेपाल भागने की फिराक में था। सूत्रों के अनुसार, विकास सिंह जिले में किसी से संपर्क में था और वह क्षेत्र के एक गांव में अपने किसी जानने वाले के यहां शरण लिए हुए था। उसे भारत-नेपाल सीमा की पूरी जानकारी थी। सीमा के पास उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही STF ने मंगलवार को घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।
तस्कर विकास सिंह की योजना और STF की कार्रवाई
विकास सिंह पिछले कई महीनों से कोडीन कफ सिरप की तस्करी में सक्रिय था। यह सिरप युवाओं में नशे के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि विकास सिंह ने नेपाल में अपना नेटवर्क बनाया था और वहां से डिमांड के अनुसार सप्लाई कर रहा था। नेपाल भागने की योजना के तहत वह सीमा के पास छिपा हुआ था।
STF की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कई दिनों से उसकी निगरानी की। मंगलवार को जब वह सीमा पार करने की तैयारी में था, तब STF ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पकड़े जाने के समय उसके पास से कई बोतलें कोडीन कफ सिरप, नकदी और मोबाइल फोन बरामद हुए। STF अधिकारियों ने बताया कि विकास सिंह का नेटवर्क नेपाल के कुछ तस्करों से जुड़ा था और वह नियमित रूप से सिरप की खेप सीमा पार भेज रहा था।
स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल
घटना में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि स्थानीय पुलिस इस तस्कर की गतिविधियों से बेखबर थी। STF ने बिना स्थानीय पुलिस की जानकारी के ऑपरेशन किया। सूत्रों का कहना है कि विकास सिंह ने स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों से संपर्क बनाए हुए थे, जिसकी वजह से वह लंबे समय तक छिपा रहा। STF की इस कार्रवाई से स्थानीय थाने की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कोडीन कफ सिरप तस्करी: बढ़ता खतरा
कोडीन कफ सिरप (कोडीन-आधारित कफ सिरप) अब नशे के रूप में इस्तेमाल हो रहा है। यह सिरप आसानी से फार्मेसी से मिल जाता है, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर नशे का रूप ले लेता है। उत्तर प्रदेश में पिछले एक साल में
* कोडीन सिरप की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। STF ने कहा कि विकास सिंह जैसे तस्कर
युवाओं को निशाना बना रहे हैं और नेपाल बॉर्डर इसका मुख्य रूट है।
STF की सतत कार्रवाई और योगी सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर STF नशीले पदार्थों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है।
गोरखपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बलिया जैसे
सीमावर्ती जिलों में STF की टीमों ने पिछले महीनों में दर्जनों तस्करों को पकड़ा है।
विकास सिंह की गिरफ्तारी इसी अभियान का हिस्सा है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को कोडीन सिरप या अन्य नशीले पदार्थों की
तस्करी की जानकारी हो तो तुरंत सूचना दें। STF ने कहा कि
विकास सिंह से पूछताछ में आगे के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि
STF की सतर्कता से तस्करों के लिए सीमा पार करना आसान नहीं रहा।
लेकिन स्थानीय पुलिस की बेखबरी पर सवाल भी उठ रहे हैं।
