77वें गणतंत्र दिवस
77वां गणतंत्र दिवस: भारत की शक्ति और एकता का भव्य प्रदर्शन
26 जनवरी 2026 को भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे जोश और गौरव के साथ मनाया। कर्तव्य पथ पर आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली। इस ऐतिहासिक मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा मौजूद रहे। सुबह 10:21 बजे राष्ट्रपति के आगमन के साथ परेड शुरू हुई और 21 तोपों की सलामी के बाद भारतीय सेनाओं ने अपनी ताकत का लोहा मनवाया।
परेड का शानदार आगाज और सैन्य मार्च
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झंडारोहण किया और राष्ट्रगान के साथ परेड का शुभारंभ हुआ। थलसेना, वायुसेना और नौसेना के जवान मार्च पास्ट में शामिल हुए। घुड़सवार दस्ते, बैंड और एनसीसी की टुकड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। परेड में महिलाओं की अगुवाई वाली टुकड़ियां और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित टुकड़ी ने विशेष ध्यान खींचा।

वायुसेना का गगनभेदी फ्लाईपास्ट – आकाश गूंज उठा
परेड का सबसे रोमांचक हिस्सा रहा वायुसेना का फ्लाईपास्ट। राफेल, सुखोई-30 MKI, तेजस और प्रचंड हेलीकॉप्टर ने आकाश में शानदार उड़ान भरी। राफेल जेट्स ने हवा में मिसाइल फायरिंग का डेमो दिया, जबकि तेजस ने अपनी चपलता दिखाई। ड्रोन स्वार्म टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुआ। तिरंगे के रंगों से बनी आकृति और ‘भारत माता की जय’ का संदेश आकाश में लिखा गया। लड़ाकू विमानों की गगनभेदी गर्जना से पूरा कर्तव्य पथ गूंज उठा।
थलसेना और नौसेना का दमदार प्रदर्शन
थलसेना ने टी-90 भीष्म टैंक, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का प्रदर्शन किया। S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और आधुनिक ड्रोन ने रक्षा क्षमता को रेखांकित किया। नौसेना ने आईएनएस विक्रांत के मॉडल और कलवरी क्लास पनडुब्बी को हाइलाइट किया। ‘लद्दाख वॉरियर्स’ टेबल्यू ने गलवान शहीदों को श्रद्धांजलि दी और LAC पर भारत की मजबूती दिखाई।
सांस्कृतिक झांकियां और थीम
इस वर्ष परेड की थीम ‘एकता में विविधता और आत्मनिर्भर भारत’ पर केंद्रित रही। विभिन्न राज्यों की झांकियों में अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, एक जिला एक उत्पाद और डिफेंस कॉरिडोर की झलक दिखी।
पर्यावरण संरक्षण और इलेक्ट्रिक वाहनों पर विशेष फोकस रहा।
मुख्य अतिथियों का बयान
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता विश्व स्तरीय है।
आज यहां होना सम्मान की बात है।” एंटोनियो कोस्टा ने भारत-ईयू के बढ़ते संबंधों पर जोर दिया।
देशभर में उत्सव
दिल्ली के अलावा लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, मुंबई और अन्य शहरों में राज्य स्तरीय परेड और झंडारोहण हुए।
दूरदर्शन और विभिन्न चैनलों पर लाइव प्रसारण से करोड़ों भारतीयों ने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना।
मजबूत भारत का संकल्प
77वां गणतंत्र दिवस भारत की संवैधानिक उपलब्धियों, सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना।
लड़ाकू विमानों की गर्जना और झांकियों की छटा ने पूरे देश को एकजुट किया। जय हिंद! जय भारत