गणतंत्र दिवस 2026: भव्य परेड और वैश्विक साझेदारी का प्रतीक
26 जनवरी 2026 को भारत ने अपना 77वां गणतंत्र दिवस कर्तव्य पथ (पूर्व राजपथ) पर भव्य परेड के साथ मनाया। इस वर्ष मुख्य अतिथि के रूप में यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेता – यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा – शामिल हुए। यह पहली बार है जब भारत ने पूरे यूरोपीय संघ नेतृत्व को मुख्य अतिथि बनाकर आमंत्रित किया, जो भारत-ईयू के बढ़ते सामरिक और व्यापारिक संबंधों का प्रतीक है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्होंने परेड का निरीक्षण किया, जहां भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन हुआ।
भारत की सैन्य शक्ति का दमदार प्रदर्शन
परेड में भारतीय सेनाओं ने अपनी आधुनिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। वायुसेना ने राफेल, सुखोई-30 MKI और स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों का प्रभावशाली फ्लाईपास्ट किया। राफेल जेट्स ने हवा में मिसाइल फायरिंग का डेमो दिया, जो भारत की उन्नत वायु रक्षा क्षमता को दर्शाता है। थलसेना ने टी-90 भीष्म टैंक, पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर और ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल (290 किमी रेंज) का प्रदर्शन किया। नौसेना ने आईएनएस विक्रांत एयरक्राफ्ट कैरियर के मॉडल और कलवरी क्लास पनडुब्बी को हाइलाइट किया।
परेड में S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन स्वार्म टेक्नोलॉजी और हाइपरसोनिक मिसाइल प्रोजेक्ट्स की झलक भी दिखाई गई। महिलाओं की अगुवाई वाली टुकड़ियां, जैसे CAPF बाइकर्स और पर्यावरण टुकड़ी ने समानता और जलवायु संरक्षण का संदेश दिया। मुख्य अतिथियों ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ रक्षा नीति की सराहना की, जो भारत के रक्षा निर्यात (ब्रह्मोस फिलीपींस और इंडोनेशिया को) को बढ़ावा दे रही है।
गलवान संघर्ष की याद: LAC पर मजबूत संकल्प
2020 के गलवान घाटी संघर्ष (जिसमें 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए) की 6वीं वर्षगांठ पर परेड में ‘लद्दाख वॉरियर्स’ टेबल्यू विशेष रूप से बनाया गया। यह LAC पर तैनात सैनिकों की बहादुरी को सलाम था और पड़ोसी चीन को स्पष्ट संदेश था कि भारत अब पहले से कहीं अधिक तैयार और मजबूत है। ब्रह्मोस, S-400 और ड्रोन स्वार्म जैसी तकनीकें चीन की किसी भी आक्रामकता को रोकने के लिए तैयार हैं। यह प्रदर्शन 4 साल बाद (2020 के बाद) इतने बड़े पैमाने पर LAC चुनौतियों को हाइलाइट करने वाला था,
जो राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति भारत के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।
मुख्य अतिथियों का बयान और कूटनीतिक महत्व
उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, “भारत की सैन्य ताकत विश्व स्तरीय है
और यह लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।”
एंटोनियो कोस्टा ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट और रक्षा सहयोग पर जोर दिया।
यह दौरा भारत के इंडो-पैसिफिक रणनीति और यूरोप के साथ बढ़ते संबंधों को मजबूत करता है।
एक मजबूत और आत्मविश्वासी भारत
गणतंत्र दिवस 2026 ने साबित किया कि भारत अब कोई कमजोर राष्ट्र नहीं रहा। सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक एकता और
वैश्विक साझेदारी के साथ भारत ‘विकसित भारत’ के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
यह परेड न केवल राष्ट्रीय गौरव का उत्सव थी,
बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का ऐलान भी