रेल म्यूजियम में बाल
शनिवार की सुबह रेल म्यूजियम में एक अलग ही रौनक छाई हुई थी। बाल मेला के नाम से आयोजित इस खास कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चे अपनी मस्ती और उत्साह से पूरे म्यूजियम को रंगीन बना रहे थे। सुबह 9 बजे शुरू हुए इस मेले में 1500 से अधिक बच्चे अपने माता-पिता के साथ पहुंचे। टॉय ट्रेन की सवारी, झूले, गेम्स और मजेदार गतिविधियों ने बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। यह आयोजन बच्चों के लिए एक यादगार दिन बन गया, जहां वे न सिर्फ खेल रहे थे बल्कि रेलवे की ऐतिहासिक वस्तुओं को भी करीब से देख पा रहे थे।
बाल मेला का आयोजन और आकर्षण
रेल म्यूजियम प्रबंधन ने बच्चों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया यह बाल मेला शनिवार सुबह 9 बजे शुरू किया। मेले में मुख्य आकर्षण थीं:
- टॉय ट्रेन राइड: छोटी-सी रंग-बिरंगी टॉय ट्रेन ने बच्चों को म्यूजियम के अंदर घुमाया। हर बच्चा अपनी बारी आने पर चिल्ला-चिल्लाकर खुशी जाहिर कर रहा था।
- झूले और स्विंग्स: बड़े-छोटे झूलों पर बच्चे ऊंची-नीची उछाल लेते नजर आए। कई बच्चों ने पहली बार ऐसे बड़े झूले पर सवारी की और रोमांचित हो गए।
- गेम्स और एक्टिविटी जोन: रिंग टॉस, बैलून गेम, फेस पेंटिंग, मैजिक शो और डांस परफॉर्मेंस जैसे कई स्टॉल लगे थे। बच्चों ने उत्साह से हिस्सा लिया।
- रेलवे एक्सपीरियंस: पुरानी इंजनों, कोचों और सिग्नल सिस्टम को देखकर बच्चे हैरान थे। कई बच्चों ने रेलवे यूनिफॉर्म में फोटो भी खिंचवाई।
माता-पिता ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। कोरोना के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में बच्चे एक जगह इकट्ठा हुए, जिससे उन्हें सामाजिक मेलजोल का मौका मिला।
1500+ बच्चों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था
आयोजकों के अनुसार, सुबह 10 बजे तक ही 1500 से अधिक बच्चे पहुंच चुके थे।
म्यूजियम के बड़े ग्राउंड में जगह-जगह वॉलंटियर्स और सुरक्षा कर्मी तैनात थे।
बच्चों के लिए अलग से फर्स्ट एड किट, पानी और स्नैक्स की व्यवस्था की गई थी।
माता-पिता को बच्चों के साथ रहने की सलाह दी गई ताकि कोई दुर्घटना न हो।
मेले में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई और पूरा कार्यक्रम सुचारू रूप से चलता रहा।
वीडियो और फोटो हाइलाइट्स
मेले के दौरान कई वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
एक वीडियो में दर्जनों बच्चे टॉय ट्रेन में बैठकर “चुक-चुक” चिल्लाते नजर आ रहे हैं।
दूसरे वीडियो में बच्चे झूलों पर ऊंची उछाल लेते हुए खुशी से चीख रहे हैं।
फेस पेंटिंग स्टॉल पर बच्चे शेर, बिल्ली और सुपरहीरो बनकर पोज दे रहे थे।
ये वीडियो देखकर हर कोई इस मेले में शामिल होने की इच्छा जता रहा है।
रेल म्यूजियम का बाल मेला बच्चों के लिए एक यादगार अनुभव बनकर उभरा।
1500 से अधिक बच्चों की मौजूदगी, टॉय ट्रेन की सवारी, झूलों पर मस्ती और रेलवे की ऐतिहासिक वस्तुओं का दर्शन –
यह सब मिलकर एक परफेक्ट फैमिली डे आउट साबित हुआ।
ऐसे आयोजन न केवल बच्चों का मनोरंजन करते हैं
बल्कि उन्हें नई चीजें सीखने और दोस्त बनाने का मौका भी देते हैं।
रेल म्यूजियम प्रबंधन ने इस मेले को सफल बनाने के लिए सराहनीय प्रयास किया।
उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे और बड़े मेले आयोजित होंगे,
जहां और भी ज्यादा बच्चे अपनी मौज-मस्ती में शामिल हो सकेंगे।
अगर आपने बाल मेला में हिस्सा लिया या वीडियो देखा है, तो कमेंट में अपनी यादें जरूर शेयर करें