किश्तवाड़ एनकाउंटर आज:
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आज (22 जनवरी 2026) एक बार फिर सुरक्षाबलों और छिपे हुए आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है। सिंहपुरा इलाके में घने जंगलों और पहाड़ी क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में दोनों तरफ से फायरिंग हो रही है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और सर्च ऑपरेशन को तेज कर दिया है। अभी तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन स्थिति गंभीर बनी हुई है।
मुठभेड़ का विवरण और शुरुआत
सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम को सिंहपुरा क्षेत्र में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिली थी। खुफिया जानकारी के आधार पर सुबह करीब 8 बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। जैसे ही सुरक्षाबल जंगल में आगे बढ़े, छिपे हुए आतंकियों ने उन पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया और मुठभेड़ शुरू हो गई।
सिंहपुरा इलाका किश्तवाड़ जिले का दूरस्थ और जंगली क्षेत्र है, जहां पहले भी कई बार आतंकवादी छिपने की कोशिश करते रहे हैं। यह क्षेत्र डोडा और अनंतनाग से सटा हुआ है, जो आतंकवादियों के लिए पारगमन का रूट माना जाता है।
सुरक्षाबलों की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन
- इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है।
- ड्रोन और हेलीकॉप्टर की मदद से निगरानी की जा रही है।
- अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।
- सर्च ऑपरेशन रात तक जारी रहने की संभावना है।
सुरक्षाबलों ने कहा कि आतंकियों को जिंदा पकड़ने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
किश्तवाड़ जिले में हाल के आतंकी घटनाक्रम
किश्तवाड़ जिला पिछले कुछ महीनों से आतंकवादियों के लिए सक्रिय क्षेत्र रहा है। जनवरी 2026 में ही यहां कई ऑपरेशन हुए हैं:
- 5 जनवरी: एक आतंकी को गिरफ्तार किया गया।
- 12 जनवरी: दो आतंकियों के साथ मुठभेड़, एक शहीद।
- अब यह ताजा मुठभेड़।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना का कहना है कि पाकिस्तान से प्रेरित आतंकी संगठन जैसे लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कैडर इस इलाके में सक्रिय हैं। हाल के महीनों में घुसपैठ की कई कोशिशें नाकाम की गई हैं।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
केंद्र सरकार ने इस मुठभेड़ पर नजर रखी हुई है। गृह मंत्रालय को नियमित अपडेट दिए जा रहे हैं।
स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने सुरक्षाबलों का समर्थन किया है और कहा है कि
आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
किश्तवाड़ के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
कई परिवारों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा और घरों में रहने की सलाह दी गई है।
आगे क्या?
सुरक्षाबल इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। यदि मुठभेड़ में
आतंकी मारे जाते हैं या पकड़े जाते हैं, तो यह जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता होगी।
फिलहाल इलाके में हाई अलर्ट जारी है और स्थानीय लोगों से सहयोग की अपील की गई है।
यह घटना एक बार फिर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खतरे को उजागर करती है,
जहां घने जंगल और दुर्गम इलाके आतंकियों के लिए छिपने की जगह बन जाते हैं।
