गोरखपुर के गजपुर में हक्का बाबा की चादर उठाई जाएगी
आयोजन की शुरुआत: अकीदत से चादर उठाई जाएगी
गोरखपुर जिले के गजपुर इलाके में हक्का बाबा की मजार पर विशेष आयोजन होने वाला है। यहां हक्का बाबा (स्थानीय सूफी संत या पीर बाबा) की चादर उठाई जाएगी। यह रस्म अकीदत और श्रद्धा के साथ पूरी होगी।
श्रद्धालु नूरी मस्जिद से जुलूस शुरू करेंगे और मजार तक पहुंचेंगे। चादर को सम्मानपूर्वक उठाकर मजार पर चढ़ाया जाएगा। यह परंपरा सालाना उर्स या वार्षिक आयोजन का हिस्सा है, जहां दूर-दूर से लोग आते हैं।
जुलूस का रूट: नूरी मस्जिद से मजार तक
जुलूस नूरी मस्जिद से निकलेगा। मस्जिद गजपुर के प्रमुख धार्मिक स्थल में से एक है। यहां से हजारों श्रद्धालु पैदल चलेंगे। रास्ते में नारे लगेंगे, नात-नौहे और कव्वाली होगी।
मजार पहुंचने पर चादरपोशी की रस्म होगी। गागर और अन्य प्रसाद भी चढ़ाए जाएंगे। स्थानीय कमेटी ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। पुलिस और प्रशासन सुरक्षा के इंतजाम कर रहा है।
हक्का बाबा की महिमा: सूफी परंपरा का प्रतीक
हक्का बाबा गजपुर की मजार पर सूफी संत के रूप में पूजे जाते हैं।
लोग यहां मन्नत मांगते हैं और पूरी होने पर चादर चढ़ाते हैं।
यह मजार हिंदू-मुस्लिम एकता का उदाहरण है।
गोरखपुर में सूफी परंपरा मजबूत है। मुबारक खां शहीद, हक्का बाबा जैसी मजारों पर उर्स में
सभी समुदाय के लोग शामिल होते हैं। गजपुर में यह आयोजन स्थानीय संस्कृति का हिस्सा है।
तैयारियां पूरी: कमेटी की भूमिका
स्थानीय दरगाह कमेटी और श्रद्धालुओं ने तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं।
जुलूस के लिए रूट साफ किया गया है। पानी, चाय और प्रसाद की व्यवस्था होगी।
कई श्रद्धालु रात भर जागरण करेंगे। कव्वाल और नातख्वान कार्यक्रम होंगे। आयोजन शांतिपूर्ण और धार्मिक भावना से होगा।
समाज के लिए संदेश: एकता और अकीदत
यह जुलूस गोरखपुर की गंगा-जमुनी तहजीब दिखाता है। हिंदू-मुस्लिम भाईचारा यहां मजबूत है। ऐसे आयोजन समाज में सद्भाव बढ़ाते हैं।
श्रद्धालुओं से अपील है कि शांति बनाए रखें, नियमों का पालन करें। गजपुर के इस आयोजन से हजारों लोग जुड़ेंगे।
हक्का बाबा की चादर उठने से मन्नतें पूरी होने की उम्मीद है।